सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: A village in Lalitpur where a girl passed 10th for the first time.

UP: ललितपुर का एक ऐसा गांव, जहां पहली बार 10वीं पास हुई बिटिया, ग्रामीणों ने बताया - आखिर क्यों नहीं पढ़ाते

चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 21 Jan 2026 10:09 AM IST
विज्ञापन
सार

ललितपुर के करीला गांव में सहरिया जाति के लोग रहते हैं। यहां पर पहली बार एक बिटिया 10वीं पास हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पढ़-लिख जाने पर शादी-ब्याह में मुश्किल आती है।

UP: A village in Lalitpur where a girl passed 10th for the first time.
10वीं पास करने वाली पहली बेटी बनी नेहा। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

ललितपुर का करीला गांव ऐसा है, जहां दो सगी बहनें हाईस्कूल तक पहुंची हैं। एक ने हाईस्कूल पास कर लिया तो दूसरी इस बार परीक्षा देगी। दोनों चाहती हैं कि शिक्षक बनकर बेटियों में शिक्षा की अलख जगाएं। ललितपुर के तालबेहट तहसील मुख्यालय से आगे बढ़ने पर रेल लाइन से करीब एक किमी दूर करीला गांव है। जंगल और तालाब से घिरी सहरिया जनजाति की इस बस्ती में ज्यादातर पुरुष और महिलाएं खेत जा चुके थे। कुछ युवक मिले, जो पांचवीं के बाद काम धंधे की तलाश में हैं।

Trending Videos


करीब 300 परिवार वाली बस्ती में ज्यादातर के पास सरकारी आवास, शौचालय, बिजली, सड़क और घर में सिलेंडर है। राशन भी मिलता है। अगर कुछ नहीं है तो वह शिक्षा। लड़के हों या लड़कियां सभी पांचवी, आठवीं के बाद कमाई में लग जाते हैं। इन्हीं के बीच रहती हैं नेहा और राखी। नेहा ने 65 प्रतिशत अंक के साथ हाईस्कूल पास कर 11वीं में दाखिला लिया है। उसकी बहन राखी हाईस्कूल में है और बहन से ज्यादा अंक लाने के प्रयास में जुटी है। नेहा बताती है कि बस्ती की करीब 25 बच्चियां भी पढ़ाई करें। वह शाम को निशुल्क ट्यूशन पढ़ाना चाहती है, लेकिन बच्चियों के परिवार के लोग राजी नहीं है। फिर भी दो चार आ जाती हैं। नेहा और राखी के पिता चाहते थे कि दोनों खेत में काम करें। पढ़ने में मां ने साथ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - प्रदेश में कल से बरसात की चेतावनी, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम लेगा यू-टर्न; सर्दी को लेकर पूर्वानुमान जारी

ये भी पढ़ें - हाईकोर्ट परिसर में दबिश और हंगामा, दो दरोगा, एक सिपाही निलंबित; वकीलों ने पुलिस वालों को घेरा


अन्य बस्तियों में भी शिक्षा का अभाव 
करीला की तरह ही जमालपुर की सहरिया बस्ती पहुंचे। यहां करीब 25 परिवार हैं। सरकारी आवास तो बने हैं, लेकिन ज्यादातर घरों में ताले हैं। यहां के लोग मध्य प्रदेश जा चुके हैं। गांव में मिली दुल्ली कहती हैं कि उनकी तीन बेटियां हैं। पांचवी के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। कहती है उनके समाज में पढ़ लिख जाने पर शादी ब्याह का संकट हो जाता है।

आठवीं के बाद मिलने लगे ताने

जिस वक्त हम इस गांव में पहुंचे तो नेहा और राखी के माता- पिता मजदूरी करने के लिए जा चुके थे। नेहा बताती हैं कि उनकी मां ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया। जरूरी होने पर वे भी सुबह शाम आसपास के खेत में काम करती हैं, लेकिन रात में करीब पांच घंटे नियमित पढ़ती हैं। गांव के लोग आठवीं के आगे पढ़ने पर ताने मारते थे, लेकिन मां के हौसले के आगे सब पस्त हो गए। इसी गांव की 60 साल की रामप्यारी मिलती हैं। वह कहती हैं कि गांव की अन्य बेटियां पढ़ जाएं तो अच्छी बात हैं, लेकिन आगे शादी ब्याह कहां करेंगी, इसकी चिंता है।

- 71610 महिला-पुरष हैं सहरिया जाति के
- 34776 महिलाएं हैं (2011 की जनगणना के अनुसार)

ललितपुर की स्थिति

औसत साक्षरता 63.52 प्रतिशत
पुरुष साक्षरता 74.98 प्रतिशत
महिला साक्षरता 50.84 प्रतिशत

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed