सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP CM Yogi Once Notorious for Crude Pistols, UP Has Now Become a Hub of ‘Drone Power’; This Marks a New

UP: सीएम योगी बोले- कभी तमंचों के लिए बदनाम रहा यूपी, अब बना ‘ड्रोन शक्ति’ का हब, ये स्टार्टअप्स का नया युग

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 06 Apr 2026 01:51 PM IST
विज्ञापन
सार

उत्तर प्रदेश में युवाओं ने उन्नत ड्रोन तकनीक विकसित कर नई पहचान बनाई है। लखनऊ के स्टार्टअप का ड्रोन लंबी रेंज, एआई सिस्टम और कम लागत के साथ तैयार हुआ है। यह निगरानी और हमले दोनों में सक्षम है, जिससे राज्य डिफेंस और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

UP CM Yogi Once Notorious for Crude Pistols, UP Has Now Become a Hub of ‘Drone Power’; This Marks a New
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

कभी अवैध हथियारों और ‘तमंचों’ के लिए बदनाम रहा उत्तर प्रदेश अब नई पहचान गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है। इसी बदलाव की मिसाल राजधानी लखनऊ में देखने को मिली, जहां एक प्राइवेट स्टार्टअप ने अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक विकसित की है। यह दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ के विजन और नीतियों का असर जमीन पर दिख रहा है, जहां कभी अपराध की पहचान थी, वहीं अब डिफेंस टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स का नया युग आकार ले रहा है।

Trending Videos


तीन युवा उद्यमियों-पवन, रविंद्र पाल सिंह और सौरभ सिंह द्वारा स्थापित कंपनी हॉवरिट (Hoverit) ने “दिव्यास्त्र एमके-1” नाम का एडवांस यूएवी तैयार किया है। यह ड्रोन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जो निगरानी के साथ-साथ सटीक हमले करने में सक्षम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस ड्रोन की प्रमुख खासियत इसकी 500 किलोमीटर की रेंज, लगभग 5 घंटे की उड़ान क्षमता और एआई आधारित टारगेटिंग सिस्टम है। यह 10,000 फीट तक उड़ सकता है और करीब 15 किलोग्राम तक पेलोड ले जाकर सटीक निशाना साध सकता है। लागत के मामले में भी यह बाजार के अन्य विकल्पों से काफी सस्ता बताया जा रहा है।

कंपनी “एमके-2” वर्जन पर भी काम कर रही

स्टार्टअप के संस्थापकों का कहना है कि प्रदेश में बेहतर नीतियों और डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाओं के चलते उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिला। यही कारण है कि आज यह कंपनी भारतीय सेना के लिए ड्रोन सप्लाई करने की दिशा में काम कर रही है और उसे शुरुआती ऑर्डर भी मिल चुके हैं।


आने वाले समय में कंपनी “एमके-2” वर्जन पर भी काम कर रही है, जिसकी रेंज 2000 किलोमीटर और पेलोड क्षमता 80 किलोग्राम तक हो सकती है। इसके लिए यूपी डिफेंस कॉरिडोर में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है, जहां हर महीने 20 ड्रोन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

यही नहीं, कंपनी ने डिफेंस सेक्टर के लिए कई तरह के ड्रोन और यूएवी विकसित किए हैं, जिनमें निगरानी के लिए “आंख” ड्रोन, 20 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने वाला “बाज” ड्रोन, शेल (बम) गिराने वाले ड्रोन, VTOL यूएवी (जो बिना रनवे के उड़ान भरते हैं) शामिल हैं।

इसके अलावा ये कंपनी डिकॉय ड्रोन (दुश्मन को भ्रमित करने के लिए) और आईएसआर (इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉन) यूएवी भी बना रही है, जिससे यह साफ होता है कि यह स्टार्टअप सिर्फ एक ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी, सप्लाई और स्ट्राइक तीनों के लिए एक पूरा ड्रोन सिस्टम तैयार कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि अब युद्धों में तकनीक की भूमिका निर्णायक हो गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के युवाओं द्वारा विकसित यह इनोवेशन न सिर्फ राज्य की बदली हुई छवि को दर्शाता है, बल्कि देश की सुरक्षा को भी नई मजबूती देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed