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UP: संस्कृत छात्रों को हाईस्कूल के बाद सीधे मिलेगा बीएएमएस में दाखिला, पांच जिलों में खुलेंगे गुरुकुलम

चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Fri, 26 Jun 2026 10:30 AM IST
सार

यूपी के गोंडा समेत पांच जिलों में गुरुकुलम खोले जाएंगे जिसमें परीक्षा के जरिये दाखिला होगा। बीएएमएस की डिग्री साढ़े सात साल में मिलेगी। आयुष विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।

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UP: Sanskrit students to get direct admission to BAMS after high school; Gurukuls to open in five districts.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश में संस्कृत छात्रों के लिए खुशखबरी है। उन्हें हाईस्कूल के बाद अब सीधे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) में दाखिला मिलेगा। इसके लिए प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। ये गाजियाबाद, बस्ती, गोंडा, आगरा और मिर्जापुर जिले में खुलेंगे।

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संस्कृत छात्रों को विभिन्न तरह के व्यावसायिक कोर्स से जोड़ा जा रहा है। इसी रणनीति के तहत राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने मिलकर पारंपरिक वैदिक मूल्यों और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को जोड़ने के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया है। हर राज्य में आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। इनमें बीएएमएस की पढ़ाई होंगी। हाईस्कूल तक संस्कृत की पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिला दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड बीएएमएस कोर्स 7.5 साल का होगा। उत्तर प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू करने की तैयारी है। आयुष विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।
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कैसे होगा दाखिला
आयुर्वेद के मूल ग्रंथ (जैसे- चरक संहिता, सुश्रुत संहिता) संस्कृत में हैं। केंद्रीय संस्कृत विवि नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा है। सभी आयुर्वेद गुरुकुलम् इसी विवि से संबद्ध होंगे। दाखिले के लिए विवि द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। इसे पीएपी एनईईटी नाम दिया गया है। गुरुकुलम् के पास खुद का अस्पताल होगा। जहां छात्रों को व्यावहारिक और क्लिनिकल ट्रेनिंग दी जाएगी


एक वर्ष का होगा इंटर्नशिप
यह एक आवासीय ग्रेजुएशन कोर्स है। 10वीं कक्षा के बाद छात्रों को आयुर्वेद डॉक्टर बनने का एक सीधा रास्ता देगा है। यह कोर्स 7.5 साल का होगा। पहले दो वर्ष तक प्री आयुर्वेद शिक्षा और फिर 4.5 वर्ष तक बीएएमएस की पढ़ाई होगी। साथ ही एक वर्ष इंटर्नशिप होगा।

क्या है आयुर्वेद गुरुकुलम्
आयुर्वेद गुरुकुलम चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इसकी शुरुआत केंद्रीय संस्कृत विवि खुद के परिसरों में इसी वर्ष से करने की तैयारी में है। देश का सबसे पहला मुख्य आयुर्वेद गुरुकुलम् नासिक और दूसरा नई दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत विवि में शुरू करने की तैयारी है। केरल में आयुर्वेद गुरुकुलम नाम से निजी पारंपरिक संस्थान व चिकित्सा केंद्र चल रहा है। यहां दुनिया भर के छात्रों को पंचकर्म, आयुर्वेद कॉस्मेटोलॉजी और पारंपरिक केरल चिकित्सा पद्धतियों में शॉर्ट टर्म और डिप्लोमा कोर्सेज कराता है।

आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु का कहना है कि संस्कृत भाषा की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए यह बड़ा अवसर है। संस्कृत छात्र आयुर्वेद की मूल ग्रंथों की पढ़ाई करके चिकित्सक बनेंगे। चरक संहिता, सुश्रुत संहिता सहित अन्य वेदों-पुराण का पाठ करेंगे। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसे एक साथ पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् का तोहफा मिला है।

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