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Ram Mandir: चढ़ावा चोरी में 20वें दिन 8 पर केस, सभी गिरफ्तार; आरोपियों में ट्रस्टी अनिल मिश्रा के दो रिश्तेदार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 26 Jun 2026 03:39 AM IST
सार

सभी पर साजिशन धोखाधड़ी से चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने टिन्नू समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।  

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Ram Mandir: Case registered against 8 people on the 20th day for theft of offerings; all arrested;
तीन साल से यह खेल चल रहा था। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आखिरकार 20वें दिन और एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज करा दी। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा के अलावा मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सभी पर साजिशन धोखाधड़ी से चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने टिन्नू समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।   

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राम मंदिर में छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों ने खुद ही संदिग्धों को पकड़कर जांच शुरू की थी। मामले ने तूल पकड़ा, तो  13 जून को सरकार को एसआईटी बनानी पड़ी। एसआईटी ने 23 जून को शासन को सौंपी रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की। पर दो दिन बाद भी एफआईआर नहीं हुई, तो सवाल उठने लगे। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने तुरंत केस दर्ज करने और पुलिस के ईमानदार व सक्षम अफसरों को जांच में लगाने की मांग की। 
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आिखरकार बृहस्पतिवार शाम ट्रस्टी कृष्णमोहन की तहरीर पर कोतवाली रामजन्मभूमि में एफआईआर दर्ज कराई गई।  बाद में, कुमार ने केस दर्ज होने पर संतुष्टि जताई। कहा-एफआईआर में जिनका नाम नहीं है, उनकी भी जांच होनी चाहिए। सूत्राें ने कहा, जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ेगी, तो अन्य आरोपियों का भी खुलासा हो सकेगा। 
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सीसीटीवी फुटेज की जांच में जो आरोपी चोरी करते दिखे थे, उन सभी को आरोपी बनाया गया है। पूछताछ व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि पूरी साजिश में टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की बड़ी भूमिका थी। सुभाष ने ही चोरी के खेल में अन्य लोगों को जोड़ा था। गणना में ड्यूटी लगाने को जांच पड़ताल का जिम्मा सुभाष के पास था। एसआईटी ने फुटेज को साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया था। अब पुलिस अपनी विवेचना में इन साक्ष्यों को शामिल करेगी।

करोड़ों रुपये की नकदी और जेवरात का हेरफेर
एसआईटी जांच में करोड़ों रुपये की नकदी व जेवरात के हेरफेर की पुष्टि हुई। ट्रस्ट ने भी इन आरोपियों को पकड़ा था। करीब तीन करोड़ रुपये इनकी निशानदेही पर बरामद भी किए थे, फिर मामला दबा दिया। अब जांच में स्पष्ट होेगा कि कितने करोड़ का खेल हुआ, सोने-चांदी व कीमती धातु के कितने जेवरात गायब किए गए।

तीन साल से चल रहा था खेल
अनुकल्प व अन्य आरोपी रकम पार करके नोटों की गड्डियों को बाथरूम छिपाते थे। मौका पाकर मंदिर के बाहर ले जाते थे। फिर एक मकान में बंटवारा होता था। तीन साल से यह खेल चल रहा था।

टीम बनेगी, गैंगस्टर एक्ट भी संभव
सूत्रों के मुताबिक, मामला बेहद संवेदनशील है। करोड़ों का हेरफेर है। ऐसे में जांच के लिए वरिष्ठ अफसर के नेतृत्व में टीम बनाई जा सकती है। चोरी को जिस संगठित अपराध की तरह अंजाम दिया, उससे आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जा सकता है।  


एफआईआर में पूरी गणना टीम आरोपी

  • रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू : चंपत राय का करीबी। गणना प्रक्रिया की देखरेख और मंदिर की हर व्यवस्था में हस्तक्षेप। गणना कक्ष की चाबी इसके पास ही रहती थी। चोरी का अहम किरदार
  • लवकुश मिश्रा : अनिल मिश्र का रिश्तेदार। चढ़ावा गणना में ड्यूटी। घर से चोरी की रकम बरामद
  • अनुकल्प मिश्रा : अनिल मिश्रा का रिश्तेदार। चढ़ावा गणना में ड्यूटी। घर से चोरी की रकम बरामद। आरोपी लवकुश का जीजा
  • मनीष यादव : टिन्नू यादव का भतीजा। गणना प्रक्रिया में शामिल। इसके पास से भी चोरी की रकम बरामद
  • अविनाश शुक्ला : इसकी भी चढ़ावे की गणना में ड्यूटी। बैंक खाते से पांच लाख रुपये बरामद होने की चर्चा
  • सुभाष श्रीवास्तव : गणना इंचार्ज। गणना इसी की निगरानी में
  • करुणेश पांडेय : अनुकल्प व लवकुश के साथ साजिश में शामिल
  • रमाशंकर मिश्र : अनुकल्प-लवकुश के साथ साजिश में शामिल

चंपत राय ने तो किया था साफ इन्कार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जब राम मंदिर से करोड़ों रुपये का चढ़ावा गायब होने का गंभीर आरोप लगाया था, तब तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। हालांकि सरकार की एसआईटी में जब ट्रस्ट पदाधिकारी फंसने लगे, तो एफआईआर कराने पर मजबूर होना पड़ा। 

  • चंपत राय ने 8 जून को वीडियो जारी कर कहा था, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है। इसमें ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। ऑडिट कई दिन तक चलता है। वही कार्य आजकल हो रहा है। अभी तक कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है। 

छोटी मछलियों पर ही गाज
जिन पर केस दर्ज हुआ है, वे सभी छोटी मछलियां हैं। आशंका थी कि एफआईआर की आंच किसी बड़े तक नहीं पहुंचेगी, वैसा ही हुआ। ट्रस्ट के बड़े नाम चंपत राय व अनिल मिश्रा व निर्माण समिति के सहायक गोपाल राव का केस में कहीं कोई जिक्र नहीं है। साफ है कि अभी उन्हें बचा लिया गया। यह इसलिए भी, क्योंकि केस ट्रस्ट ने ही दर्ज कराया है।

अखिलेश यादव का कटाक्ष
राम मंदिर प्रकरण में अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा पर हमला किया है। अखिलेश ने ट्वीट किया...
भाजपा राज में नाइंसाफी की दिखेगी ये झांकी
फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफी!
जनता कह रही है कि पहले SIT के बहाने सारे सबूत साफ कर दिये गये होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है, उसके बाद FIR हो  रही है। लगता है SIT को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गई होगी और उसके हिसाब से जांच की गई होगी। मतलब निष्कर्ष पहले निकाल लिया गया होगा।

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