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यूपी: चीनी के दामों में लगी आग, 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंची कीमतें; जानिए एकदम से क्यों बढ़े हैं दाम ?
Wed, 19 Aug 2026 07:12 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:12 PM IST
सार
Sugar prices: त्योहारी सीजन के पहले ही चीनी के दामों में आग लग गई है। चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अभी दाम और बढ़ेंगे।
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लगातार बढ़ रहे हैं चीनी के दाम।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
त्योहारी मौसम शुरू होने से पहले ही चीनी के दामों में तेजी आई है। खुदरा बाजार में चीनी पहली बार 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कारोबारियों के अनुसार, पिछले 15 दिन में इसके दाम करीब 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं। कारोबारियों का कहना है कि सीजन के अंतिम दौर में चीनी का भंडार कम है। मांग के मुकाबले आपूर्ति घटने से दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
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कारोबारियों के मुताबिक, बाजार में मांग की तुलना में करीब आधी ही चीनी की आपूर्ति हो पा रही है। आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, जन्माष्टमी और दिवाली जैसे त्योहारों से मांग और बढ़ेगी। इससे चीनी के दाम में और तेजी आने की आशंका है।
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पहली बार 60 रुपये किलो के ऊपर पहुंचा भाव
न्यू हैदराबाद के फुटकर किराना व्यापारी संतोष गुप्ता ने बताया कि 15 दिन पहले चीनी 48-50 रुपये किलो बिक रही थी। अब इसका भाव बढ़कर 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है। फतेहगंज के थोक कारोबारी संजय जयसवानी के मुताबिक, पहली बार चीनी के भाव 60 रुपये किलो से ऊपर पहुंचे हैं।
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उत्पादन में कमी और एथेनॉल को प्राथमिकता
कारोबारियों का कहना है कि इस बार चीनी का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले करीब पांच फीसदी कम रहा है। इसका असर बाजार में उपलब्ध भंडार पर पड़ा है। नया पेराई सत्र अक्तूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में शुरू होता है। चीनी मिलों ने अधिक लाभ के लिए गन्ने से चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल उत्पादन को प्राथमिकता दी। पेट्रोल और शराब बनाने वाली कंपनियों की ओर से एथेनॉल की मांग बढ़ने से चीनी का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
मिठाई कारोबार पर असर
मिठाई कारोबारी और यूपी आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि अगले एक महीने में कई बड़े त्योहार हैं। इससे मिठाई की मांग बढ़ेगी, लेकिन बाजार में चीनी की कमी है। मिठाई बनाने में करीब 20 फीसदी चीनी का इस्तेमाल होता है। एक किलो खोये में करीब 200 ग्राम चीनी लगती है। कारोबारियों को मांग के मुकाबले करीब आधी ही आपूर्ति मिल रही है। व्यावसायिक सिलिंडर पर सरकार की 375 रुपये की राहत भी बेअसर हो गई है। कच्चे माल की लागत 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है, जिससे कारोबारियों का मुनाफा प्रभावित हो रहा है।