सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Wedding cylinder crisis: Family prestige at stake, commercial supplies disrupted, induction tanks in markets

यूपी: शादी पर सिलिंडर का 'संकट', परिवार की इज्जत दांव पर, कमर्शियल की आपूर्ति ठप, बाजार में इंडक्शन की शॉर्टेज

डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Wed, 11 Mar 2026 06:41 PM IST
विज्ञापन
सार

लखनऊ में गैस सिलिंडर की कमी से गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई ठप होने से शादी वाले घरों, होटल-रेस्टोरेंट और खानपान कारोबारियों को भारी परेशानी हो रही है। कई दुकानों का कारोबार बंद है, जबकि लोग मजबूरी में इंडक्शन खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में उसकी भी कमी होने लगी है।

Wedding cylinder crisis: Family prestige at stake, commercial supplies disrupted, induction tanks in markets
गैस का संकट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
web -
विज्ञापन

विस्तार

लखनऊ में सिलिंडर की आपूर्ति कम होने से संकट खड़ा हो गया है। गैस सिलिंडर की किल्लत से उन परिवारों की इज्जत दांव पर लगी है, जिनके घर या तो शादी हो रही है या चंद दिन बाद होने वाली है। कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति फिलहाल ठप है।

Trending Videos


घरेलू गैस की भी किल्लत बढ़ गई है। ऐसे में शादी के घर वालों व रिश्तेदारों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। इसका असर अब शादी वाले घरों पर साफ दिखाई देने लगा है। वहीं, बाजारों में इंडक्शन की शॉर्टेज होने लगी है। दुकानदारों का कहना है कि इतनी डिमांड हो गई कि ऑर्डर देना मुश्किल हो रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन








 

Wedding cylinder crisis: Family prestige at stake, commercial supplies disrupted, induction tanks in markets
गैस सिलिंडर के लिए लग रही लंबी लाइन। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

कैटरर्स ने भोजन व्यवस्था के लिए 10 सिलेंडरों की मांग की थी

महानगर स्थित एक बारात घर में शादी की तैयारी में जुटे अलीगंज निवासी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी बहन की शादी है। रात भोपाल से बारात आएगी। कैटरर्स ने भोजन व्यवस्था के लिए 10 सिलेंडरों की मांग की थी, लेकिन बाजार में कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। 

ऐसे में उन्होंने पड़ोसियों और इष्ट-मित्रों से मांगकर किसी तरह छह सिलेंडरों का इंतजाम किया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि एहतियात के तौर पर एक क्विंटल लकड़ी और कोयले की भी व्यवस्था करनी पड़ी है, ताकि जरूरत पड़ने पर खाना बनाया जा सके। 

उन्होंने कहा कि शादी का घर होने के कारण रिश्तेदार कई दिनों तक घर में रहेंगे, ऐसे में उधार लिए सिलेंडर लौटाने की चिंता भी बनी हुई है। यह स्थिति सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्की शहर में जितनी भी शादियां हो रही हैं उन सभी परिवारों के सामने है।

रेहड़ी पटरी वालों को घरेलू सिलिंडर से सहारा

कॉमर्शियल सिलिंडर की किल्लत की वजह से शहर के खानपान बाजार को घरेलू गैस सिलिंडर ने ऑक्सीजन तो दी मगर उसे पहले की तरह जीवित नहीं कर का। लिहाजा बुधवार को भी 60 फीसदी से ज्यादा कारोबार बंद ही रहा। चौक से लेकर हजरतगंज और हजरतगंज से लेकर गोमतीनगर तक सड़क किनारे की खानपान की दुकानों की जगह सन्नाटा रहा। उधर, चौक में मंगलवार को बंद हुई दुकानें बुधवार को भी नहीं खुल सकीं। सिलिंडर न मिल पाने की वजह से मिठाई दुकानें तो खुलीं लेकिन उनका मिठाईयां नहीं बन सकीं।

कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की अचानक रुकी सप्लाई की वजह से खान-पान की दुकानों से व्यापारी बुधवार को घरेलू गैस का इस्तेमाल करते दिखे। चौक से लेकर हजरतगंज और हजरतगंज से लेकर गोमतीनगर तक सड़क किनारे की खानपान की दुकानों में एलपीजी सिलिंडर ही लगे मिले। व्यापारियों ने बताया कि अगर यह न करें तो परिवार कैसे पालें? हालांकि, घरेलू गैस का जुगाड़ भी कारोबार को नहीं उबार सका। 

चौक के चरक चौराहे पर एक लाइन से सड़क किनारे की 10 से ज्यादा खानपान की दुकानें बंद रहीं। सोया चाप, कबाब रोल की दुकान पर काम करने वाले लवकुश ने बताया कि दो दिन से दुकान बंद है। जब सिलिंडर मिलेगा तभी खुल सकेगी। 

इसके पास की ही चाट हाउस व अन्य स्नैक्स की दुकानें बंद नजर आईं। वहीं, पक्की दुकानों में बने रेस्टोरेंट भी बंद रहे। एक रेस्टोरेंट संचालक अनूप पांडेय ने बताया कि जब सिलिंडर ही नहीं मिल पा रहे हैं, तो आखिर दुकान कैसे खोलें? सबसे ज्यादा परेशानी श्रमिकों की है। क्योंकि, वह खाली बैठे हैं और उनको कब तक खाली रखेंगे। एक एक दुकान पर हर दिन 15-20 हजार का नुकसान हो रहा है।

नहीं बन पा रही मिठाई, सिर्फ दुकानें खुलीं

इंदिरानगर के मिठाई कारोबारी व उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी बताते हैं कि कॉमर्शियल के साथ साथ घरेलू सिलिंडर भी नहीं मिल पा रहा है। इंदिरानगर की ज्यादातर मिठाई की दुकानों पर मंगलवार से ही कामकाज बंद है। बुधवार से हमारा भी कारोबार ठप हो गया है। क्योंकि पहले से जो ऑर्डर लगे थे अभी उनको पूरा किया गया है। अब गैस बची नहीं है तो चाट का काउंटर भी बंद कर दिया गया है। सिर्फ दुकान खुली है क्योंकि जो मिठाई बनकर तैयार हो चुकी है, वह तो बेचनी ही है। 

पैसा देने के बाद भी नहीं मिल रहे सिलिंडर

कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लोग पैसा देने को तैयार हैं लेकिन फिर भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। 950 रुपये की एक एलपीजी सिलिंडर को साइकिल से डिलीवरी करने वाले व्यक्ति ने 2000 रुपये का दिया। किल्लत की वजह से लोग बिना संकोच ले भी रहे हैं। लोग पैसा देने को राजी हैं लेकिन बाजार में गैस नहीं मिल पा रही है। कॉमर्शियल सिलिंडर अब 5000 रुपये देने पर भी नहीं मिल रहा है।

 

Wedding cylinder crisis: Family prestige at stake, commercial supplies disrupted, induction tanks in markets
सिलिंडर लेकर एजेंसी जाते हुए लोग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

घरेलू इंडक्शन की बाजार में बढ़ी शॉर्टेज

गैस की किल्लत से घरेलू से लेकर व्यावसायिक क्षेत्र के लोग इलेक्ट्रिक इंडक्शन अपनाने में रुझान दिखाने लगे हैं। स्थिति यह है कि डिमांड के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम है। अचानक से मांग बढ़ने से डीलर भी स्टॉक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उधर, होटल रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल किचन के ऑर्डर भी बढ़ने लगे हैं। सबसे ज्यादा बिकने वाले ब्रांड के इंडक्शन के थोक विक्रेता नाका के रमनदीप सिंह बताते हैं कि तीन दिन से अचानक से डिमांड बढ़ गई है।

 लिहाजा माल ही नहीं बचा है। लोग आशंकित हैं कि गैस नहीं मिलेगी इसलिए खाना बनाने के लिए इंडक्शन की ओर रुझान बढ़ा है। अभी बस सीमित स्टॉक बचा है लेकिन फुटकर दुकानदार ज्यादा डिमांड कर रहे हैं। हालांकि, अभी रेट नहीं बढ़ा है और पुराने दामों में ही बिक्री कर रहे हैं। 

लेकिन, मांग के मुताबिक दुकानदारों को बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। पुराने दामों में ही कंपनी से एक कंटेनर और मंगाया गया है। बताया कि शनिवार और रविवार को होटल वालों ने डिमांड बढ़ाई। अब स्थानीय लोग घरेलू उपयोग के लिए खरीद कर रहे हैं।

वहीं, इंदिरानगर के इलेक्ट्रिकल उत्पाद बेचने वाले अनिरुद्ध निगम बताते हैं कि गैस न मिलने की वजह से डिमांड बढ़ी है। पिछले तीन दिन से 4-5 इंडक्शन रोज बिक जा रहे हैं। अभी कीमतों में इजाफा नहीं किया गया है। बाजार में अच्छी कंपनी के 1800 से लेकर 3000 रुपये तक के घरेलू इंडक्शन मौजूद हैं। वहीं, कॉमर्शियल इंडक्शन की कीमत 10 हजार रुपये हैं।

 

Wedding cylinder crisis: Family prestige at stake, commercial supplies disrupted, induction tanks in markets
गोमती नगर लोहिया अस्पताल के बाहर ब्लैक में सिलेंडर लेकर चला रहे दुकान - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

हालात सामान्य नहीं हुए तो बढ़ेंगे इंडक्शन के दाम

लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा बताते हैं कि गैस की किल्लत की वजह से होटल व रेस्टोरेंट कारोबारियों को काफी परेशानी हो रही है। बताया कि बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान ने कमर्शियल इंडक्शन खरीदे है जिसकी कीमत 10000 रुपये है। 

मांग ज्यादा व आपूर्ति कम होने की वजह से धीरे धीरे इंडक्शन की भी किल्लत होती दिख रही है। जल्द हालात सामान्य नहीं हुए तो इंडक्शन के दामों में और इजाफा होगा। उन्होंने डीएम से आग्रह किया कि हालात को समझते हुए व्यापारियों के हित के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed