प्रधानमंत्री मोदी से फिर हुई आंकड़ों की गलती, पूछे सवाल
गया में हुई भाजपा की दूसरी परिवर्तन रैली में भाषण से ज्यादा सवाल-जवाब हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सवाल पूछते रहे और जनता जवाब देती देती रही। भीड़ के मनोविज्ञान को बखूबी समझने वाले मोदी ने अपने 41 मिनट के भाषण में कई सवाल पूछे, जिनका जवाब लोगों ने उनकी मर्जी के अनुरूप दिया। गया में एक बात जो खास रही, वह यह कि पूरे भाषण में मोदी ने एक बार भी विरोधियों का नाम नहीं लिया।
प्रधानमंत्री मोदी से फिर हुई आंकड़ों की गलती, पूछे सवाल
जब भी जरूरत पड़ी, उन्होंने भीड़ से इनके नाम कुबूल करवाए। मोदी ने नीतीश की तुलना में लालू पर ज्यादा हमला बोला। इतना ही नहीं उन्होंने अपने पूरे भाषण में नीतीश पर एक बार भी सीधा हमला नहीं किया।
प्रधानमंत्री मोदी से फिर हुई आंकड़ों की गलती, पूछे सवाल
मुजफ्फरपुर की रैली में मोदी ने जिस प्रकार नीतीश पर व्यक्तिगत हमला किया था। गया में उनके निशाने पर लालू प्रसाद रहे। जहर से लेकर जंगलराज पार्ट-2 में जेल का अनुभव जुड़ने वाला बयान बिहार की सियासत में उबाल लाएगा। वैसे बिहार को बीमारू राज्य बताने वाला बयान भी सियासत को गर्म करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी से फिर हुई आंकड़ों की गलती, पूछे सवाल
मोदी के भाषण में जाति वाद इस बार अछूता रहा। गया को पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की कर्मभूमि बताने के अलावा मोदी ने दलितों या पिछड़ों का कोई जिक्र नहीं किया। मोदी ने बिहार के पिछड़ेपन को आंकड़ों की सहायता से दिखाने का प्रयास किया, लेकिन गया में एक बार फिर मोदी आंकड़ों की बाजीगरी में फंसते नजर आए।
प्रधानमंत्री मोदी से फिर हुई आंकड़ों की गलती, पूछे सवाल
उन्होंने न केवल बिहार में इंजीनियंरिंग की सीट का गलत आंकड़ा दे दिया, बल्कि हिमाचल प्रदेश की जनसंख्या भी पटना के बराबर बता दी। मोदी ने बिहार को बीमारू राज्य बताते हुए इससे मुक्ति पाने की जरूरत बताई।