African Grey Parrot Interesting Facts: अफ्रीका के घने जंगलों में पाया जाने वाला एक अनोखा तोता अपनी अलग ही पहचान रखता है। इसका शरीर सिल्वर-ग्रे रंग के मुलायम पंखों से ढका होता है, जबकि इसकी पूंछ चमकदार लाल रंग की होती है, जो इसे बेहद खास बनाती है। इसके चेहरे पर हल्का सफेद पैटर्न दिखाई देता है, जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है। दिलचस्प बात यह है कि नर और मादा को देखने में लगभग एक जैसा ही लगता है, जिससे दोनों में अंतर कर पाना आसान नहीं होता।
African Grey: इंसानों की तरह सोचता है ये अनोखा पक्षी, पार्टनर के साथ वफादारी और तेज दिमाग है इसकी खासियत
African Grey Parrot Intelligence: अफ्रीकन ग्रे तोता दुनिया के सबसे समझदार पक्षियों में गिना जाता है। इसकी समझ और सोचने की क्षमता लगभग 5 साल के बच्चे के बराबर होती है। आइए इस खास तोते के बारे में और भी रोचक बाते जानते हैं।
स्वभाव और खान-पान
यह पक्षी स्वभाव से बेहद सामाजिक होता है और हमेशा झुंड में रहना पसंद करता है। दिनभर ये समूह में उड़ते हैं और शाम होते ही सभी एक साथ पेड़ों पर लौटकर आराम करते हैं। भोजन के समय ये छोटे-छोटे समूहों में बंट जाते हैं, जिनमें आमतौर पर 20 से 30 तोते शामिल होते हैं। इनके इस सामूहिक जीवन में एक खास तरह की तालमेल और अनुशासन देखने को मिलता है।
खाने के मामले में भी ये तोते काफी दिलचस्प हैं। इन्हें ताड़ के फल, कोला पौधे की बेरी और अन्य कठोर फल बहुत पसंद होते हैं। ये अपने मजबूत पंजों से फल को पकड़कर अपनी ताकतवर चोंच से उसे तोड़ते हैं। हालांकि, कई बार ये खेतों की फसलों पर भी हमला कर देते हैं और मक्का जैसी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
साथी के साथ होते हैं वफादार
रिश्तों के मामले में यह तोता बेहद वफादार माना जाता है। यह आमतौर पर पूरी जिंदगी एक ही साथी के साथ बिताता है। जब ये 3 से 5 साल की उम्र में पहुंचते हैं, तब अपना जोड़ा ढूंढना शुरू करते हैं। घोंसला बनाने के लिए ये पेड़ों के खोखले हिस्सों को चुनते हैं। मादा एक बार में 3 से 4 अंडे देती है और बच्चों के जन्म के बाद माता-पिता मिलकर उनकी देखभाल करते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं।
लोगों का पसंदीदा पालतू पक्षी
अपनी अद्भुत समझदारी और बोलने की क्षमता के कारण यह तोता दुनिया भर में पालतू पक्षियों के रूप में बेहद लोकप्रिय हो चुका है। पिछले कुछ दशकों में बड़ी संख्या में इन्हें अफ्रीका से बाहर ले जाया गया है, खासकर मिडिल ईस्ट देशों में इनकी काफी मांग रही है।
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लेकिन इसी लोकप्रियता ने इनके अस्तित्व के लिए खतरा भी पैदा कर दिया है। अवैध व्यापार के चलते हजारों अफ्रीकन ग्रे तोते जंगलों से पकड़ लिए जाते हैं। चूंकि ये झुंड में रहते हैं, इसलिए शिकारी इन्हें आसानी से निशाना बना लेते हैं। कई बार पेड़ों को काटकर इनके घोंसले नष्ट कर दिए जाते हैं और अंडों तक को नहीं छोड़ा जाता। दुखद बात यह है कि पकड़े गए कई तोते सफर के दौरान ही अपनी जान गंवा देते हैं।
