कैशलेस अभियान के साथ ही बैंकों में चेक का प्रचलन बढ़ा है। पर सर्वर की धीमी रफ्तार के चलते चेक क्लियरेंस में दिक्कतें आ रही हैं। ओरिएंटल बैंक में तो सर्वर डाउन होने की वजह से कई दिन चेक क्लियरेंस अटकी रही। एसबीआई, पीएनबी समेत तमाम बैंकों में चेक क्लियरेंस की रफ्तार धीमी है।
PM मोदी के कैशलेस अभियान से बैंक हुए 'हलकान'
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कैश की भारी किल्लत और केंद्र सरकार के कैशलेस अभियान की वजह से लोगों में चेक का प्रचलन बढ़ा है। बैंकों पर पहले के मुकाबले चेक का तीन गुना लोड बढ़ गया है। चूंकि सर्वर उस हिसाब से अभी तैयार नहीं हैं, लिहाजा चेक क्लियरेंस में देरी हो रही है। उधर, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का सर्वर कई दिन से ठप पड़ा होने से लोगों के चेक वापस चले गए।
हालांकि बृहस्पतिवार को सर्वर चलना शुरू हुआ है। एसबीआई, पीएनबी सहित सभी बैंकों में चेक का लोड तीन गुना बढ़ गया है। पहले अगर औसतन एक माह में 100 चेक बैंक में आते थे, तो अब इनकी संख्या 300 से 350 बढ़ गई है। इससे बैंकों के सर्वर पर भी लोड बढ़ रहा है। पीएनबी के चीफ मैनेजर संतोष कुमार ने बताया कि थोड़ा असर चेकों की संख्या बढ़ने से जरूर हुआ है, लेकिन चेक क्लियरेंस हो रही है।
दूसरी ओर, एसबीआई के ब्रांच मैनेजर विनय कुमार खत्री ने बताया कि चूंकि कई बैंकों के सर्वर में समस्या है, इसलिए चेक क्लियरेंस पर असर पड़ रहा है। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मैनेजर वीके जोशी ने बताया कि सर्वर डाउन होने की वजह से चेक क्लियरेंस नहीं हो पा रही थी, अब सर्वर ठीक हो गया है। ग्राहकों को परेशानी नहीं होगी।
देहरादून के प्रकृति विहार निवासी अरुण एक शॉपिंग मॉल से घर का सामान खरीदने गए। उनका बिल 1800 रुपये का बना। उन्होंने बिलिंग काउंटर पर अपना डेबिट कार्ड स्वैप करने को दिया। करीब दस मिनट तक बार-बार स्वैप करने के बावजूद जब कार्ड नहीं चला तो काउंटर संचालिका ने दो घंटे बाद बुलाया। अरुण दो घंटे बाद आए और कार्ड स्वैप कर सामान ले पाए।