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जरेली हत्याकांड: 20 मिनट मौत का तांडव... जो सामने आया, उसे मार दी गोली, खौफनाक था मंजर
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 23 May 2021 10:59 AM IST
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जरेली हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज के जरेली गांव में पति-पत्नी के बीच सुलह के लिए बुलाई गई पंचायत के बेनतीजा रहने के बाद पति ने अपने भाइयों और बहनोई के साथ पत्नी के परिवार के लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना में पत्नी के पिता और बीडीसी सदस्य ताऊ की मौत हो गई। गोली लगने से मां समेत दस और लोग भी घायल हो गए। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए आरोपियों को पुलिस की टीमें तलाश कर रही हैं। नवाबगंज के गांव जरेली में रहने वाले हैदर अली ने अपनी बेटी शमा परवीन का निकाह तीन साल पहले गांव के ही अजहर अली से किया था। अजहर और शमा के बीच शादी के बाद से ही अनबन चल रही थी। विवाद सुलझाने के लिए शनिवार दोपहर गांव के पूर्व प्रधान बाबू अली के घर दोनों पक्ष पंचायत करने बैठे थे। बात नहीं बनने पर आरोपी पति और उसके बहनोई ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
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मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पूरे घटनाक्रम से साफ था कि शमा परवीन के पति अजहर और उसके परिवार के लोग पहले ही खूनखराबे की योजना बनाकर आए थे। समझौते के लिए बुलाई गई पंचायत में फैसला करने में उन्होंने जरा भी दिलचस्पी नहीं दिखाई। बार-बार उखड़ते रहे और फिर पंचायत छोड़कर हमले की तैयारी में बाहर निकल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर लौट रहे शमा के परिवार के लोगों पर उन्होंने करीब 20 मिनट तक फायरिंग की। लगातार फायरिंग करते हुए जो भी सामने आया, उस पर गोली चलाई।
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मृतक हैदर अली का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
गांव के लोगों के मुताबिक अजहर के परिवार के लोग पंचायत में ही हथियार लेकर पहुंचे थे। बातचीत के बीच वे लोग बार-बार उग्र होते रहे और आखिर में अजहर और कलीम पंचायत को बीच में ही छोड़कर चले गए। इसके बाद पंचायत यह कहकर खत्म कर दी गई कि जब पति ही कुछ सुनने को तैयार नहीं है तो पंचायत में कोई निर्णय ही कैसे हो पाएगा। इसके बाद अजहर पक्ष के बाकी लोग भी दक्षिणी दरवाजे से पहले ही निकल गए। शमा के परिवार के लोग कुछ देर बाद उत्तरी दरवाजे से निकले।
मृतक गुलशन अली का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
यह परिवार जैसे ही कुछ आगे गली में पहुंचा, वहीं मोड़ के पास दीवार और बिजली के खंभे की आड़ से उन पर फायरिंग शुरू हो गई। सभी एक-दूसरे को बचाने के लिए आगे दौड़े मगर हमलावर पूरी योजना के साथ आए थे। जो भी व्यक्ति आगे बढ़ा, उन्होंने उसे गोली का निशाना बनाया। गांव के लोगों के मुुताबिक करीब बीस मिनट तक मौत का तांडव होता रहा। इस दौरान दर्जन भर राउंड से ज्यादा फायरिंग की गई। दहशत से गांव के लोग घरों में कैद हो गए और अपने दरवाजे बंद कर लिए। मौके पर पहुंची पुलिस को ही घटनास्थल से विभिन्न बोर के कारतूसों के 11 खोखे मिले।
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जरेली हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
गोली लगने के बाद हैदर भागे लेकिन आरोपियों पकड़कर मारी दूसरी गोली
घटनास्थल के पास ही रहने वाली एक महिला ने बताया कि हैदर अली को कलीम ने गोली मारी थी। पहले गोली लगने के बाद भी वह गिरे नहीं और जान बचाने के लिए भागने लगे। इस पर उसने दौड़ाकर हैदर अली को पकड़ लिया और एक हाथ से गर्दन पकड़कर दूसरे हाथ से तमंचा सटाकर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल के पास ही रहने वाली एक महिला ने बताया कि हैदर अली को कलीम ने गोली मारी थी। पहले गोली लगने के बाद भी वह गिरे नहीं और जान बचाने के लिए भागने लगे। इस पर उसने दौड़ाकर हैदर अली को पकड़ लिया और एक हाथ से गर्दन पकड़कर दूसरे हाथ से तमंचा सटाकर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।