टाइगर श्रॉफ की फिल्म 'बागी 2' और रॉनित रॉय की फिल्म 'अगली ' का कॉन्फ्लिक्ट एक ही है। दोनों ही फिल्म के प्रोटैग्निस्ट एक गुमशुदा बच्ची की तलाश करने निकलते हैं। 'अगली' में बच्ची को एक पुलिसवाला ढूंढ रहा था, लिहाजा उसका तरीका भी पूछताछ, कॉल डिटेल और केस की कड़ियों को जोड़कर केस सॉल्व करने वाला था। मगर 'बागी 2' में एक आर्मीवाला बच्ची ढूंढने निकला था, तो बॉस ,देशभक्ति, मसल पावर और खून खराबे के बिना उसकी पड़ताल कैसे पूरी हो सकती है्?
100 करोड़ के क्लब में पहुंची 'बागी-2' के इन 7 सीन्स को पचाना बेहद मुश्किल है, आप क्या कहेंगे?
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मानव शील्ड वाला सीन
कश्मीर की विवादित घटना को फिल्म के एक सीन में ग्लोरिफाई किया गया है। मेजर गोगोई ने पत्थरबाजों को सबक सिखाने के लिए एक कश्मीरी युवक फारुक अहमद डार को अपनी जीप पर बांधकर घुमाया था। इसी तरह टाइगर श्रॉफ (कैप्टन रणवीर प्रताप सिंह) भी एक कश्मीरी युवक को जीप पर बांधे नजर आता है।
माना कि जिस वक्त मनोज बाजपेयी (डीआईजी शेरगिल) हट्टे-कट्टे टाइगर श्रॉफ पर लात-घूंसों की बरसात कर रहे थे उस वक्त उसे गोली लगी थी। मगर इससे ठीक एक सीन पहले जब टॉप एंगल शॉट में यह दिखाया गया हो कि भारतीय सेना के जवान ने अकेले कई लोगों को मूर्छित कर दिया है, वह अगले ही सीन में सिर्फ एक गोली लगने से ही इतना कमजोर कैसे हो गया कि दुबले-पतले शख्स से पिटने लगा।
ज्ञान बांटने कश्मीर से गोवा आए थे कर्नल रंजीत, वो भी पलटन लेकर
फिल्म 'बागी 2' में ग्रैंड मास्टर शिफूजी यानी शौर्य भारद्वाज ने कर्नल रंजीत सिंह का किरदार निभाया है। कश्नीर में उनकी मौजूदगी समझ आती है, मगर प्री-क्लाइमैक्स में वह कश्मीर से गोवा, वो भी पलटन के साथ, क्यों आते हैं यह बात समझ नही आई। क्या सिर्फ घिसा-पिटा 'वन मैन आर्मी' वाला डायलॉग मारने!
- कर्नल रंजीत ने बिना किसी सबूत के कैप्टन रणवीर प्रताप सिंह को एक डीआईजी की जान लेने की मंजूरी दे दी
- उल्टा कर्नल रंजीत ने कानून की धज्जियां उड़ाने निकले अपने जवान की तारीफों के पुल गोवा पुलिस के सामने बांधे
- कर्नल रंजीत अपनी पलटन के साथ आए, मगर अपने जवान की कोई मदद नहीं की
- गोवा पुलिस क्या कर रही थी?डायलॉग सुनने के लिए खड़ी थी क्या? अपने डीआईजी को बचाने फार्म हाउस में गई क्यों नहीं?
रणदीप हुड्डा के किरदार की क्या जरूरत थी?
उड़ते पंजाब को जमीन पे लाने वाले एसीपी एलएसडी (रणदीप हुड्डा) की एंट्री डूबते हुए गोवा को भी किनारे पहुंचाने के लिए हुई थी, मगर चरसियों को ग्लैमराइज करने से ज्यादा कुछ कर ना पाए। ना तो बच्ची ढूंढ पाए, ना सनी सिलगावंकर (प्रतीक बब्बर) से पूछताछ कर पाए, ना टाइगर को रोक पाए, आखिर उनका किरदार था ही क्यों इस फिल्म मेंं? क्या वह फिल्म में काले और कूते जैसे सरनेम का मजाक उड़ाने आए थे, या फिर 'अदृश्य' पुलिसकर्मी बॉस्को की टांग खिंचाई करने के लिए या फिर सिर्फ इसलिए क्योंकि 'बागी 2' साजिद नाडियाडवाला की फिल्म है और रणदीप उनके फेवरेट पुलिस ऑफिसर!