हिंदी सिनेमा में अपनी खास अदाकारी के चलते अलग स्थान हासिल कर चुके अभिनेता आर माधवन मशहूर स्पेस साइंटिस्ट नंबी नारायणन की बायोपिक रॉकेटरी के इकलौते निर्देशक होंगे। माधवन ने ये फिल्म पिछले साल शुरू की थी और इसका तीन भाषाओं में लॉन्च हुआ ट्रेलर सिर्फ दो घंटे में 10 लाख व्यूज का आंकड़ा पार कर गया था। रॉकेटरी का निर्देशन माधवन व महादेवन मिलकर कर रहे थे लेकिन अब दूसरे प्रोजेक्ट्स में व्यस्त होने के चलते महादेवन ने फिल्म से अलग होने का फैसला किया है। आर माधवन अब इस फिल्म के लीड हीरो, लेखक और निर्देशक होंगे।
इसरो के साइंटिस्ट रहे नंबी नारायणन की इस फिल्म के रशेज अभी तक सिर्फ देश में सिर्फ एक ही मीडिया हाउस अमर उजाला ने देखे हैं। माधवन इस फिल्म का काफी कुछ हिस्सा शूट कर चुके हैं और इसमें नंबी नारायणन बनने के लिए पहले 14 घंटे मेकअप और फिर फिल्म का डायरेक्शन माधवन के लिए काफी चुनौती भरा रहा है। माधवन ने नंबी नारायणन के गेटअप वाले अपने तमाम फोटो और वीडियोज जब से इंस्टाग्राम पर शेयर करने शुरू किए हैं, इस फिल्म को लेकर लोगों का क्रेज भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
नंबी नारायणन को देश में क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का भी भीष्म पितामह माना जाता है। लेकिन, पहली बार जब उन्होंने इस तकनीक में कामयाबी हासिल की, तभी साजिशन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर रॉकेट तकनीक देश से बाहर ले जाने और दूसरे देशों के लिए जासूसी करने का भी आरोप लगा। बाद में सीबीआई जांच में वह दोषमुक्त हुए और इस साजिश में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए नंबी नारायणन ने सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ाई लड़ी।
इसरो में बने रहने के लिए नंबी नारायणन ने नासा तक की नौकरी का प्रस्ताव छोड़ दिया। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले बीजपी नेता नरेंद्र मोदी ने खुद केरल जाकर नंबी नारायणन से मुलाकात की थी और इस बायोपिक की नींव इसी के बाद पड़ी।
माधवन पिछले दो साल से फिल्म की स्क्रिप्ट लिखते रहे हैं और पिछले छह महीने से खुद को बुजुर्ग नंबी नारायणन जैसा दिखने के लिए मेहनत कर रहे हैं। फिल्म रॉकेटरी के सेट की जो फोटो अमर उजाला के साथ माधवन ने साझा की हैं, वह अभी सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए नहीं है लेकिन इन फोटो में एक तरफ खुद नंबी नारायणन बैठे हैं और दूसरी तरफ परदे पर उनका किरदार कर रहे माधवन। इन तस्वीरों में पहली नजर में कोई नहीं पहचान सकता कि रील नारायणन कौन है और रीयल नारायणन कौन?