{"_id":"5e2c57a58ebc3e4ae07e96af","slug":"24-police-booths-used-in-gorakhpur-for-commercial-use-instead-of-government","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी: ट्रैफिक पुलिस का नया कारनामा, इस तरह अवैध कमाई का जरिया बना डाले 24 बूथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: ट्रैफिक पुलिस का नया कारनामा, इस तरह अवैध कमाई का जरिया बना डाले 24 बूथ
Sun, 26 Jan 2020 11:40 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 26 Jan 2020 11:40 PM IST
विज्ञापन
पुलिस बूथों पर लगे विज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यातायात को बेहतर बनाने के मकसद से गोरखपुर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगाए गए पुलिस बूथों का यातायात पुलिस महकमा अवैध ढंग से व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहा है।
पुलिस बूथों पर लगे विज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के मकसद से एसपी ट्रैफिक ने विभिन्न चौराहों पर पुलिस बूथ लगाने की योजना तैयार की थी। इसके तहत ही एसपी ट्रैफिक ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर 24 स्थानों पर बूथ लगाने की अनुमति मांगी। नगर निगम की ओर से इस संबंध में सशर्त अनुमति दी कि ट्रैफिक बूथ का किसी भी तरह से व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं करना है।
पुलिस बूथों पर लगे विज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
इस पर सिर्फ पुलिस प्रशासन, नगर निगम, सरकारी विभाग या किसी भी सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विज्ञापन ही लगाया जा सकता है। इसके बावजूद सभी बूथों पर विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए हैं।
बूथ का स्ट्रक्चर ऊपर की तरफ बढ़ाकर किया गया जुगाड़
ट्रैफिक बूथ के स्ट्रक्चर को ऊपर की तरफ बढ़ाकर बनवाया गया है। नीचे पुलिस विभाग का जिक्र किया गया है, वहीं ऊपर की तरफ व्यावसायिक विज्ञापन लगाया गया है।
बूथ का स्ट्रक्चर ऊपर की तरफ बढ़ाकर किया गया जुगाड़
ट्रैफिक बूथ के स्ट्रक्चर को ऊपर की तरफ बढ़ाकर बनवाया गया है। नीचे पुलिस विभाग का जिक्र किया गया है, वहीं ऊपर की तरफ व्यावसायिक विज्ञापन लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस बूथों पर लगे विज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
5000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है किराया
नगर निगम की विज्ञापन नियमावली के अनुसार, प्राइम लोकेशन पर होने की वजह से अधिकांश का किराया करीब 5000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। जिस ढंग से स्ट्रक्चर का विज्ञापन लगाया गया है, उसके अनुसार इसका किराया 26 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के आसपास हो सकता है। चर्चा इस बात की भी है कि एक विज्ञापन एजेंसी के माध्यम से यह किराया लिया जा रहा है।
नगर निगम की विज्ञापन नियमावली के अनुसार, प्राइम लोकेशन पर होने की वजह से अधिकांश का किराया करीब 5000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। जिस ढंग से स्ट्रक्चर का विज्ञापन लगाया गया है, उसके अनुसार इसका किराया 26 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के आसपास हो सकता है। चर्चा इस बात की भी है कि एक विज्ञापन एजेंसी के माध्यम से यह किराया लिया जा रहा है।
विज्ञापन
पुलिस बूथों पर लगे विज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
यातायात में बाधक भी बने हुए हैं ये बूथ
कई जगहों पर लगाए गए ये पुलिस बूथ यातायात व्यवस्था में बाधक भी बने हुए हैं। कई ऐसे जगहों पर भी पुलिस बूथों का लगा दिया गया है, जहां चौकी बनी हुई है। गोलघर, धर्मशाला चौराहा आदि जगहों पर भी पुलिस बूथ लगा दिए गए हैं।
अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम की ओर से पुलिस बूथों को लगाने की सशर्त अनुमति दी गई है। इसका व्यावसायिक इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। अगर ऐसा किया जा रहा है तो यह पूरी तरह से अवैध है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कई जगहों पर लगाए गए ये पुलिस बूथ यातायात व्यवस्था में बाधक भी बने हुए हैं। कई ऐसे जगहों पर भी पुलिस बूथों का लगा दिया गया है, जहां चौकी बनी हुई है। गोलघर, धर्मशाला चौराहा आदि जगहों पर भी पुलिस बूथ लगा दिए गए हैं।
अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम की ओर से पुलिस बूथों को लगाने की सशर्त अनुमति दी गई है। इसका व्यावसायिक इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। अगर ऐसा किया जा रहा है तो यह पूरी तरह से अवैध है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।