गोरखपुर शहर की हवा में प्रदूषण का रंग और गाढ़ा होता जा रहा है। इसकी गवाही दे रही शहर पर छाई धुल और धुंध की चादर। मौसम के बदलाव से तापमान में गिरावट तो आ रही है, मगर शहर की हवा खराब होती जा रही है। उधर, नमी के कारण पाल्यूटेंट भारी होकर ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से दिनभर धुंध छाई रह रही है। ऐसे में सजग नहीं रहे तो बीमार होना तय है।
प्रदूषण: गोरखपुर शहर पर धुंध की चादर बता रही कितनी बिगड़ गई हवा, टहलने से करें परहेज
विशेषज्ञों का कहना है कि नमी बढ़ने से धूल-धुआं के कारण धुंध छा रहा है। जाड़े के मौसम में तापमान गिरने से नमी बढ़ जाती है। इस वजह से हवा में पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) का प्रसार धीमा हो जाता है। इससे उनका घनत्व बढ़ जाता है। उनके वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित होती जाती है। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल के अलावा वाहनाें के धुआं, आग जलाने, साफ-सफाई सहित अन्य कारणों से प्रदूषण बढ़ जाता है। इसका असर शहर में नजर आ रहा है।
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धुंध की चादर ऐसी कि पास भी कुछ नजर नहीं आया
रविवार को शहर में धुंध की चादर छाई रही। रिहायशी इलाकों में यह कम रहा, लेकिन रामगढ़ताल के आसपास इसका जबरदस्त असर नजर आया। सुबह 11.00 बजे रामगढ़ताल किनारे सर्किट हाउस रोड से मोहद्दीपुर की ओर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। धुंध के कारण इमारतें छिप गई थीं। इसका असर शाम तक बना रहा। ऐसी स्थिति आगे भी रहेगी। विशेषज्ञों ने बताया कि नवंबर और दिसंबर महीने में ऐसी स्थिति रहती है। वातावरण में नमी होने की वजह से प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का आकार बढ़ जा रहा है। इससे परदा बन जा रहा, जिससे दृश्यता कम हो जा रही है। ताल के ऊपर खाली जगह है। यहां पर पानी से भी वाष्प उठता है। इस कारण नमी (आर्द्रता) शहर के अन्य हिस्सों की अपेक्षा ज्यादा हो जाती है, जिससे धुंध की स्थिति है। दिन में सूर्य की तपिश भी कम हुई है। इससे नमी सूख नहीं पा रही। यह स्थिति आगे भी बनी रहेगी।
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इस प्रदूषण वाले माहौल में टहलने से करें परहेज
रविवार को आसमान में धुंध होने से बादलों जैसा अहसास हो रहा था। पहले तो लोगों को लगा कि मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है। लेकिन धूल और धुएं से उठे प्रदूषण की वजह से फिजां बदली नजर आई। विशेषज्ञों का कहना प्रदूषण की अधिकता से ऐसा हो रहा है। प्रदूषण वायुमंडल के निचले स्तर पर है। इससे सुबह-सवेरे टहलने जाने में स्वास्थ्य को लाभ पहुंचने के बजाय नुकसान हो सकता है।
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धुंध से निपटने के दिए गए हैं निर्देश
शहरों में एयर क्वालिटी माॅनीटरिंग के निर्देश अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने तीन नवंबर को जारी किए थे। उन्होंने गोरखपुर समेत 17 शहरों में धुंध बढ़ाने के कारणों की समीक्षा करके इस पर निगरानी रखने को कहा था, ताकि लोगों को वायु प्रदूषण से बचाया जा सके।
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