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Manish Gupta Case: सीबीआई से पहले ही हो सकता है मनीष हत्याकांड का खुलासा, एसआईटी को मिले ये खास सबूत

Wed, 06 Oct 2021 08:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 06 Oct 2021 08:30 PM IST
सार

बुधवार को तीसरी बार मेडिकल कॉलेज पहुंची थी एसआईटी, एक निजी पैथॉलॉजी के फुटेज में दिखी पुलिस

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Manish Gupta Murder Case news site got new evidence against Police
मनीष हत्याकांड की जांच करती एसआईटी। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में कारोबारी मनीष गुप्ता हत्या के मामले की जांच कर रही एसआईटी के सदस्य बुधवार को तीसरी बार मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। दोपहर 2.30 बजे पहुंची एसआईटी ने ट्रामा सेंटर में उस दिन ड्यूटी पर तैनात डॉ. एके श्रीवास्तव समेत अन्य स्टाफ से बातचीत कर जानकारी हासिल की। बारीकी से उनसे पूछताछ कर यह समझने की कोशिश की गई है कि आखिर उस रात असल में हुआ क्या था? डॉक्टर ने भर्ती होने की जानकारी दी है लेकिन दो पर्चे का सवाल अभी उलझा ही है। पर्ची काउंटर के कर्मचारी का भी बयान दर्ज कर लिया गया है।



जानकारी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज गेट के बाहर मैग्नस लैब एंड डिजिटल एक्सरे-रे के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। फुटेज में रामगढ़ताल पुलिस की गाड़ी पहली बार 2.05 बजे नजर आई है और दूसरी बार 2.11 बजे पुलिस दिख रही है। इससे मेडिकल कॉलेज में पहुंचने का समय सही पाया गया है लेकिन पहली पर्ची और दूसरी पर्ची के राज को सुलझाने की कोशिश की गई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...

 

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मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता व मानसी अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।

उधर, बुधवार को होटल कृष्णा पैलेस के तीन कर्मचारियों की  फिर से पूछताछ की गई है। तीन बार अलग-अलग बयान लेकर एसआईटी उसका मिलान कर रही है। बयान में कहीं कोई अंतर नहीं है, इसे परखा जा रहा है। हालांकि इस पूरे मामले पर एसआईटी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

 

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मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी। - फोटो : अमर उजाला।

कानपुर पुलिस की ओर से इस मामले के विवेचना अधिकारियों को भी गिरफ्तारी का इशारा मिलते ही ताबड़तोड़ दबिशें पड़नी शुरू हो गई हैं। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। वहीं, दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर ही सिर्फ गोरखपुर पुलिस की मदद ली जा रही है। जबकि कानपुर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गोरखपुर के अलावा अन्य शहरों में आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।

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आरोपी जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

अंतिम लोकेशन और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकार्ड) के आधार पर भी आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, एसआईटी जांच के साथ ही कानपुर पुलिस की एक और कोशिश है कि इस मामले के सीबीआई के टेकओवर करने से पहले ही इसका कानपुर पुलिस खुलासा कर दे।

 

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मनीष हत्याकांड की जांच करने होटल पहुंचे एडीजी। file - फोटो : अमर उजाला।

ये है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की सुबह आठ बजे गोरखपुर अपने दो दोस्तों हरवीर व प्रदीप के साथ घूमने आए थे। तीनों तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में ठहरे थे। 27 सितंबर की रात ही रामगढ़ताल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी रहे अक्षय मिश्रा सहित छह पुलिस वाले आधी रात के बाद होटल में चेकिंग को पहुंच गए थे। कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया।

आरोप है कि पुलिस वालों ने उनकी पिटाई कर दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस की ओर से नशे में गिरने से मौत बताया था मगर बाद में हत्या का केस दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, तब जाकर परिवार के लोग शव लेकर कानपुर रवाना हुए थे।

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