शहाना निशा उर्फ सुहानी की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद दरोगा राजेंद्र सिंह को जमानत मिल गई। कोतवाली पुलिस और शहाना के परिजनों को बिना सूचना दिए ही दरोगा बुधवार को कमरे का ताला खुलवाकर, अंदर रखा अपना सामान उठा ले गया। मकान मालिक ने बताया कि सामान निकालने के बाद, दरोगा ने उससे शहाना के घरवालों से सामान ले जाने की बात बोलने को भी कहा।
शहाना निशा मौत मामला: दरोगा की हुई जमानत, आत्महत्या के लिए उकसाने का है आरोपी
जमानत के बाद बेटे के साथ अपना सामान लेकर चला गया आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी दरोगा, दरोगा राजेंद्र सिंह को भेजा गया था जेल।
पूरा सामान बिखरा हुआ है। उन्होंने शहाना के बैग को दिखाते हुए कहा कि इसी बैग में वैसे ही कपड़े अभी भी रखे हैं। आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, दरोगा के साथ कई लोगों ने मिलकर शहाना की हत्या कर दी। बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत भी पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
तहरून्निशां के मुताबिक, मकान मालिक ने बुधवार को उन्हें इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह भी अपना सामान वहां से ले जाएं। उसी के बाद शहाना की मां अपने परिवार के दो सदस्यों के साथ कमरे पर आईं थीं। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में पुलिस की तरफ से उनके या परिवार के किसी और सदस्य का कोई बयान नहीं लिया गया। मुकदमा कमजोर धाराओं में दर्ज किया, तभी इतनी जल्दी दरोगा को जमानत भी मिल गई। कहा कि अभी तक शहाना को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहीं थीं, लेकिन अब उनकी व परिवार के अन्य सदस्यों की जान पर आफत आ सकती है।
एसएसपी को दिया शिकायती पत्र
शहाना की मां तहरून्निशां ने एसएसपी को पत्र लिखकर भी शिकायत की है। लिखा कि उनकी तरफ से 17 अक्तूबर को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपित राजेंद्र सिंह अपनी जमानत करवाकर क्वाटर का ताला खुद खुलवाकर सारे साक्ष्य मिटाने के बाद अपना सामान उठा ले गया। इसकी सूचना हमें या परिवार के किसी सदस्य को नहीं दी गई। पत्र में लिखा कि दरोगा धमकी देता है कि अगर अब कोई कार्रवाई की या पुलिस के पास गई तो बेटी के पास ही उसे भी भेज दिया जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से बंद करवाया था कमरा
कोतवाली थानाध्यक्ष कल्याण सिंह सागर ने बताया कि राजेंद्र सिंह द्वारा कमरा खोले जाने की सूचना नहीं है। हमने घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से कमरे में ताला लगवा दिया था। अब किसके कहने पर ताला खुला, जानकारी नहीं है।
