सब्सक्राइब करें

नया संकट: इंसेफेलाइटिस के साथ वायरल फीवर और निमोनिया की दस्तक, अब डॉक्टर दे रहे हैं यह सलाह

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 07 Sep 2021 08:40 PM IST
सार

डॉक्टर दे रहे हैं सलाह, बच्चों को बाहर बिल्कुल न भेजें

विज्ञापन
Encephalitis accompanied by viral fever and pneumonia
इंसेफेलाइटिस। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

गोरखपुर जिले में इंसेफेलाइटिस के साथ वायरल फीवर और निमोनिया ने भी दस्तक दे दी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों के वार्ड में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। 458 बेड वाले वार्ड में मंगलवार तक 330 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिस तेजी से बच्चों की संख्या बढ़ रही है, तीन से चार दिनों में वार्ड फुल हो जाएगा। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों को बिना वजह बाहर लेकर न निकलें।



जानकारी के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस साल इंसेफेलाइटिस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीआरडी में इस वर्ष अब तक इंसेफेलाइटिस के 278 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इसमें 24 की मौत हुई है जबकि 13 मरीजों का इलाज इंसेफेलाइटिस वार्ड में चल रहा है। इसमें ज्यादातर बच्चे हैं। वही, जिला अस्पताल के इंसेफेलाइटिस वार्ड में 11 बच्चों का इलाज चल रहा है। गोरखपुर जिले में भी इंसेफेलाइटिस का प्रकोप पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बढ़ा है। इस वर्ष अब तक 120 मरीज जिले में सामने आए हैं। इसमें सात मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 81 मरीजों का था और छह मासूमों की मौत हुई थी। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...

 

Trending Videos
Encephalitis accompanied by viral fever and pneumonia
जिला हॉस्पिटल के इंसेफेलाइटिस वार्ड का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

इस संकट के बीच वायरल फीवर, निमोनिया ने चिंता और बढ़ा दी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता मेहता ने बताया कि बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। कई मामलों में तो बच्चों को 103 से 104 डिग्री फारेनहाइट तक बुखार हो जा रहा है। इसके कारण उनके मानसिक स्थिति में बदलाव आ रहा है। इस वजह से भी इंसेफेलाइटिस के मामले बढ़ने की आशंका है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Encephalitis accompanied by viral fever and pneumonia
दिमागी बुखार का कहर। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

नवजातों में निमोनिया और वायरल फीवर के मामले ज्यादा
डॉ. अनीता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में 118 नवजात भर्ती हैं। इनमें निमोनिया और वायरल फीवर की समस्या अधिक है। साथ ही कुछ में पीलिया के भी लक्षण मिले हैं। इसके अलावा ओपीडी में भी वायरल फीवर के मरीज आ रहे हैं। औसतन देखा जाए तो हर पांच में दो बच्चा वायरल फीवर से पीड़ित मिल रहा है। राहत की बात बस इतनी है कि इनमें किसी बच्चे की मौत अब तक नहीं हुई है। न ही अब तक फिरोजाबाद, आगरा और मथुरा की तरह कोई केस मिले हैं।

Encephalitis accompanied by viral fever and pneumonia
इंसेफेलाइटिस। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
सांस लेने में हो रही है तकलीफ
कुछ बच्चों में सांस लेने में भी तकलीफ की शिकायतें मिली है। इन बच्चों की जांच की गई है तो पता चला कि इनमें निमोनिया का असर ज्यादा है। इसके अलावा फेफड़े भी संक्रमण की चपेट में हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि इनमें कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।

 
विज्ञापन
Encephalitis accompanied by viral fever and pneumonia
इंसेफेलाइटिस। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

सीएमओ डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने कहा कि इस वर्ष इंसेफेलाइटिस के मामले आंशिक रुप में बढ़े हैं। राहत की बात यह है कि इसमें जापानी इंसेफेलाइटिस के मामले अब तक नहीं मिले हैं। सभी मरीज एईएस के हैं। एईएस की कई वजह हो सकती है। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed