{"_id":"612f031942e06016f83682f8","slug":"flood-in-basti-and-gorakhpur-division-due-to-rain-in-nepal","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बाढ़ का कहर: नेपाल की बारिश से यूपी की नदियां उफान पर, गोरखपुर-बस्ती मंडल में मचा रहीं तबाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ का कहर: नेपाल की बारिश से यूपी की नदियां उफान पर, गोरखपुर-बस्ती मंडल में मचा रहीं तबाही
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 01 Sep 2021 03:31 PM IST
विज्ञापन
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल के पहाड़ियों पर लगातार बारिश से उत्तर प्रदेश के बस्ती और गोरखपुर मंडल में बाढ़ का कहर जारी है। दोनों मंडलों के 756 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे पांच लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं। ज्यादातर परिवारों ने बांधों पर शरण ली। रोहिन नदी के खतरे के निशान से 2.53 मीटर ऊपर बह रही है। जंगल कौड़िया क्षेत्र के एसबीएम स्कूल के सामने इस नदी का पानी गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया है। इससे सोनौली से गोरखपुर की तरफ आने वाली सड़क से आवागमन रोक दिया गया है। अब एक लेन से ही दोनों तरफ की गाड़ियां निकाली जा रही हैं। अगर जलस्तर और बढ़ा तो अंतरराष्ट्रीय सीमा (नेपाल) तक जाने वाली सड़क से आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाएगा। बीआरसी व नवनिर्मित आईटीआई परिसर भी बाढ़ के पानी से लबालब भरे हैं।
Trending Videos
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर से होकर बहने वाली छह नदियां उफनाई हैं। इससे सातों तहसील क्षेत्र के 200 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.97 मीटर ऊपर बह रही है। इससे बंधों पर जबरदस्त दबाव है। शहरी क्षेत्र के हर्वर्ट बंधे से रिसाव हुआ है। इससे नेताजी सुभाष चंद्र बोसनगर के लोग दहशतजदा हैं। सहजनवां क्षेत्र के बोक्टा-बरवार बंधे के पास बोल्डर पिचिंग धंस गया है। बंधे पर कटान का खतरा है। नौसड़ के पास भी बंधे से रिसाव हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
कौड़ीराम क्षेत्र में बेला मलाव बंधे से रिसाव हो रहा है। बहबोलिया बांध भी धंसा है। गोर्रा, सरयू, कुआनो और आमी नदी का बढ़ता जलस्तर भी डरा रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में बारिश का पानी नदियों में आ रहा है। अभी बैराज से पानी नहीं छोड़ा गया है। अगर बैराज से पानी छूटा तो स्थिति और खतरनाक हो जाएगी।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
दूसरी तरफ, सिद्धार्थनगर के 317 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बूढ़ी राप्ती, राप्ती, तेलार, जमुआ, बान गंगा, घोघी और कूडा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। महराजगंज के 78 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। लक्ष्मीपुर ब्लॉक के अमहवा गांव में फंसे छह लोगों एनडीआरएफ ने बचाया है। बस्ती जिले की दो तहसीलों के 53 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
विज्ञापन
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
संतकबीरनगर जिले की धनघटा तहसील में सरयू नदी के बाढ़ से 38 गांव प्रभावित हैं। पानी से घिरे कुछ गांव के लोगों ने घर छोड़कर एमबीडी बांध पर शरण ली है। घाघरा नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। देवरिया की चारों नदियों का जलस्तर खतरे का निशान से ऊपर है। 70 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है।

कमेंट
कमेंट X