उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की राप्ती नदी के दूसरे तट पर (नौसड़ की तरफ) बन रहे रामघाट को गुजरात की साबरमती नदी के किनारे बने घाट की तर्ज पर बनाया जा रहा है। पंद्रह करोड़ 59 लाख की लागत से बन रहे, सौ मीटर लंबे इस घाट का निर्माण दिसंबर 2020 तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इसे मार्च 2020 में पूरा हो जाना था। सिंचाई विभाग का दावा है कि राजघाट और अंत्येष्टि स्थल के साथ इसका भी लोकार्पण कराया जाएगा।
साबरमती नदी के घाटों की तर्ज पर गोरखपुर में हो रहा है निर्माण, तस्वीरों में देखें इस नदी की बदलेगी सूरत
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बता दें कि योगी आदित्यनाथ सांसद रहते राप्ती तट पर एक सुंदर घाट बनवाने का प्रयास कर रहे थे। जब वे मुख्यमंत्री बने तो इस कार्य की शुरूआत हुई। निर्माण कार्य की प्रगति जानने आए तो घाट की लंबाई 50 मीटर और बढ़ाने का निर्देश दिया। इसे रामघाट नाम दिया गया है। कार्यदायी संस्था का कहना है कि घाट की लंबाई बढ़ने से कार्य में विलंब हुआ। कोरोना संकट और बाढ़ की वजह से भी निर्माण की गति में बाधा आई। अब तेजी से काम किया जा रहा है।
घाट पर दिखेगा अद्भुत नजारा
रामघाट आने के लिए 180 मीटर लंबे तथा सात मीटर चौड़े सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। सौ मीटर लंबे घाट पर दो आयताकार छतरी, दो अष्टभुजाकार छतरी बनाई जाएगी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कपड़ा बदलने वाला कक्ष होगा। दो प्रसाधन कक्ष बनेंगे। 16 और 12 फीट की ऊंचाई वाली दो हाईमास्ट लाइटें लगेंगी। अब तक रामघाट का 60 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
राजघाट बनकर तैयार, सीसी रोड का हो रहा निर्माण
राप्ती तट पर सबसे पहले जिस राजघाट का निर्माण कार्य शुरू हुआ वह 95 प्रतिशत बनकर तैयार है। यहां केवल सीसी रोड का निर्माण कार्य रह गया है।
दोनों घाटों से अंत्येष्टि स्थल को जोड़ा जा रहा है। शव जलाने के लिए यहां पर जो प्लेटफार्म बनाया जा रहा है, वह इस दृष्टि से बनाया जा रहा है कि नदी में पानी के कम या अधिक होने पर शव जलाने में कोई दिक्कत न हो। अभी इसका आधा काम ही हुआ है।