गुड्डू मुस्लिम उर्फ बमबाज ने 20 साल पहले देवरिया के चीनी मिल मैनेजर का अपहरण कर लिया था। इसके बदले 55 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। लखनऊ के एक शातिर बदमाश ने यह अपहरण कराया था। मामले की जांच में जुटे तत्कालीन एसओजी प्रभारी को प्रयागराज कचहरी के सामने देखते ही भाग गुड्डू फरार हो गया था। इधर, पता चला कि चीनी मिल मैनेजर भी घर पहुंच चुका है। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देने से इनकार कर दिया, इसलिए इस घटना का रिकॉर्ड नहीं है।
Umesh Pal Hatyakand: गुड्डू ने चीनी मिल मैनेजर का अपहरण कर मांगी थी 55 लाख की फिरौती, एक साल जेल में था बंद
सर्विलांस टीम की मदद से पता चला कि प्रयागराज कचहरी के सामने फिरौती की रकम दी जानी है। परिवार के सदस्य पहुंचते, उससे पहले गोरखपुर एसओजी की टीम भी पहुंच गई थी। तत्कालीन एसओजी प्रभारी ओपी तिवारी ने बताया कि कचहरी पहुंचते ही गुड्डू ने उन्हें देखते ही रास्ता बदल दिया। उसका पीछा किया गया लेकिन वह फरार हो गया।
उन्होंने बताया कि बाद में पता चला कि चीनी मिल मैनेजर सकुशल अपने घर पहुंच चुका है। परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे। इसलिए मामले में कोई केस दर्ज नहीं हुआ।
जेल में एक साल तक रहा गुड्डू
जेलर, मंडलीय कारागार एके कुशवाहा ने बताया कि 2001 में एक बार एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में गुड्डू मुस्लिम जेल में बंद हुआ था। एक साल तक वह जेल में रहा। जेल में उस दौरान उससे मिलने बेहद कम लोग ही आते थे। हालांकि शहर और आसपास के जिलों में कहीं भी बमबाजी की घटना होती थी तो वहां की पुलिस गुड्डू से पूछताछ जरूर करने आती थी।