भारत सरकार ने नेपाल में प्याज निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश मिलते की सोनौली की नेपाल सीमा पर प्याज लदे ट्रकों को रोक दिया गया है। मंगलवार की सुबह सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले प्याज की गाड़ियों को सोनौली कस्टम अधिकारियों ने रोक दिया। ट्रक को नेपाल सीमा से वापस लौटा दिया गया। कस्टम अधीक्षक सोनौली मेवा लाल ने बताया कि मंगलवार को प्याज लदे 35 ट्रक सीमा पर रोके गए। इन दिनों भारत में प्याज महंगे दर पर बिक रहा है। इस वजह से पहले देश में प्याज की जरूरतों को पूरा करने के बाद ही कहीं बाहर भेजा जाएगा।
अब नेपालियों को रुलाएगा 'प्याज', भारत ने इस वजह से निर्यात पर लगाया प्रतिबंध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यापारियों के मुताबिक सोनौली बॉर्डर से करीब 50 ट्रक प्याज प्रतिदिन नेपाल जाता है। नासिक, मध्य प्रदेश, कानपुर की मंडियों से सर्वाधिक प्याज नेपाल भेजा जाता है। आलू, प्याज के कारोबारी वकील ने बताया कि प्रतिबंध लगने से करीब छह करोड़ का कारोबार प्रतिदिन प्रभावित हुआ है। करोड़ों के कारोबार पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है।
नेपाल में महंगा हुआ प्याज
नेपाल में प्याज प्याज महंगा हो गया है। आपूर्ति रोकने के बाद से अचानक नेपाली मुद्रा में 250 से तीन सौ रुपये किलो प्याज बिक रहा है। व्यापारी सन्नी गुप्ता ने बताया कि नेपाल में हर किस्म की सब्जियों की उपलब्धता भारत के सहयोग पर निर्भर है। अगर यह प्रतिबंध कुछ दिन और बना रहता है तो आने वाले दिनों में नेपाल में सब्जियों का स्वाद फीका हो जाएगा।
नेपाल भी लगा चुका है भारत के कई सामानों पर प्रतिबंध
इसके पहले नेपाल भी कई भारतीय सामानों पर प्रतिबंध लगा चुका है। भारतीय फल, सब्जियों पर रोक के बाद नेपाल ने पिछले वर्ष दशहरा के ठीक पहले भारत के भेड़ बकरियों पर नेपाल ने रोक लगा दी थी। नेपाल में दशहरा पर पशुओं की बलि दी जाती है और इसके लिए नेपाल हर साल भारत से बड़ी संख्या में भेड़ बकरियों की खरीद करता था।
चीन से भेड़-बकरियां मंगा रहा है नेपाल
नेपाल के सूत्र बताते हैं कि भारत के भेड़ व बकरियों पर रोक के बाद नेपाल चीन से भेड़ व बकरियां मंगा रहा है। अब भारत ने प्याज भेजना बंद कर दिया है। इस प्रतिबंध का सीधा असर पड़ोसी देश नेपाल में दिखना शुरू हो गया है। चीन नेपाल में अपनी गहरी पैठ बनाने में जुटा है। भारत की ओर से प्याज भेजना बंद होने से प्याज की कालाबाजारी शुरू हो गई है।