सब्सक्राइब करें

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज: महामारी की वजह से प्रभावित हुई मेडिकल स्टूडेंट्स की पढ़ाई, सीखते रहे कोविड का इलाज

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 30 May 2021 11:42 AM IST
सार

डेढ़ साल से मेडिकल कॉलेजों में आ रहे हैं केवल कोविड के मरीज।

विज्ञापन
Medical students affected due to coronavirus in brd medical college
बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी ने मेडिकल एजुकेशन को काफी हद तक प्रभावित किया है। सामान्य पढ़ाई के साथ-साथ मेडिकल की पढ़ाई की हालत बेहद खराब रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले डेढ़ साल से हर विधा के विशेषज्ञ डॉक्टर कोविड मरीजों का इलाज कराते नजर आए। उन्होंने सबसे अधिक प्रैक्टिकल कोरोना मरीजों के साथ ही किया है।


बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सामान्य दिनों में करीब पांच से छह हजार के आसपास की ओपीडी होती है। यहां के 28 विभागों में प्रतिदिन करीब छोटे-बड़े मिलाकर 40 से 50 ऑपरेशन होते हैं। कोरोना महामारी आने के बाद मेडिकल कॉलेज को विशेष अस्पताल का दर्जा देते हुए कोविड मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया। 
Trending Videos
Medical students affected due to coronavirus in brd medical college
बीआरडी मेडिकल कॉलेज (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला
500 बेड का कोविड अस्पताल शुरू होने के बाद ओपीडी और अन्य विभागों की सर्जरी पूरी तरह से बंद कर दी गई। इस बीच केवल इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को देखा जा रहा है। साथ ही इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों का ऑपरेशन भी किया जा रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एमडी, एमएस सहित अन्य मेडिकल छात्र मेडिसिन और सर्जरी छोड़कर कोरोना के इलाज में लगे हुए हैं। अन्य मर्ज वाले मरीज न तो उनके पास पहुंच पा रहे हैं और न ही वह ऐसे मरीजों को समय ही दे पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Medical students affected due to coronavirus in brd medical college
बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।
ट्रॉमा सेंटर की स्थिति बेहतर नहीं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर की बात करें तो स्थिति बेहतर नहीं है। यहां पर विशेषज्ञ डॉक्टरों में न्यूरो सर्जन सहित अन्य डॉक्टर नहीं है। इसकी वजह से मरीज यहां बेहद कम ही पहुंचते हैं। ट्रॉमा सेंटर में अधिकांश मरीज अस्थि रोग विभाग में ही आते हैं। इस वक्त यह संख्या लगभग न के बराबर है।
Medical students affected due to coronavirus in brd medical college
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
गायनी के छात्रों को थोड़ी राहत
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग की बात करें तो यहां के छात्रों को प्रैक्टिकल करने का थोड़ा मौका जरूर मिल जा रहा है। इसकी वजह यह है कि इमरजेंसी में प्रसूताओं के केस आ रहे हैं, जिनका सामान्य और सिजेरियन प्रसव कराया जा रहा है। इसके अलावा अन्य विभागों में मरीज आ ही नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
Medical students affected due to coronavirus in brd medical college
प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ गणेश कुमार। - फोटो : अमर उजाला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई और इलाज में कोई समस्या नहीं आई है। कोविड की वजह से बीच में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई थी। जब कोविड केस कम हुए तो ऑफलाइन पढ़ाई शुरू की गई। इमरजेंसी में मरीज आते रहे हैं। ऐसे में छात्रों को इलाज का मौका मिलता रहा है। गायनी में लगातार मरीज आ रहे हैं और उनका सीनियर डॉक्टरों के साथ जूनियर छात्र कर भी रहे हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed