{"_id":"5f7307288ebc3e9b8268b372","slug":"mountaineer-nitish-of-gorakhpur-will-climb-19086-feet-high-mount-rudragaira","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"तस्वीरें: जानिए कौन है गोरखपुर का 'लाल', जो 19 हजार फीट ऊंची माउंट रूद्रगैरा पर फहराएगा तिरंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तस्वीरें: जानिए कौन है गोरखपुर का 'लाल', जो 19 हजार फीट ऊंची माउंट रूद्रगैरा पर फहराएगा तिरंगा
विवेक सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 30 Sep 2020 08:48 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
नितीश सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
Link Copied
सिंगल यूज प्लास्टिक और स्वच्छ भारत मिशन अभियान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के युवा पर्वतारोही नितीश सिंह की ओर से अब उत्तराखंड स्थित 19086 फीट ऊंची माउंट रूद्रगैरा की चढ़ाई की जाएगी। नितीश इस दुर्गम चोटी की चढ़ाई के लिए पिछले दो महीने से उत्तराखंड में पर्वतारोही गौरव रावत से प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। नितीश इस अभियान को सफल बनाने के लिए जीजान से जुटे हैं।
Trending Videos
2 of 6
नितीश सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला से बातचीत में नितीश ने बताया कि वह माउंट रूद्रगैरा की चोटी पर तिरंगा फहराकर यूपी के साथ पूरे देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। माउंट रूद्रगैरा की ऊंचाई 19086 फीट है जो कि उत्तराखंड में उत्तरकाशी के गौमुख से शुरू होती है। एक अक्तूबर से पांच दिन के अंतराल पर नितीश दो बार चोटी को चढ़ने का प्रयास करेंगे। इस दौरान उनके साथ कोई गाइड नहीं होगा। वह एल्पाइन एक्सपीडिशन तकनीक की मदद से चढ़ाई करेंगे। इसका प्रशिक्षण वह ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 6
नितीश सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
नितीश ने बताया कि कुछ कर गुजरने का जज्बा उन्हें कारगिल युद्ध के दौरान सड़क दुर्घटना में शहीद पिता लांस नायक अमरजीत सिंह से मिला है। पिता के उत्तराखंड में तैनाती के दौरान नितीश आर्मी स्कूल रूड़की की कक्षा पांचवीं में पढ़ाई कर रहे थे। एक बार परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्हें हिमाचल प्रदेश स्थित सोलन जाना पड़ा था। इस दौरान पहाड़ों और प्रकृति की अनोखी छटा ने उनका मन मोह लिया। इसके बाद वो अक्सर ऋषिकेश और हरिद्वार घूमने जाया करते थे।
4 of 6
नितीश सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्नातक की पढ़ाई के दौरान नितीश का शौक परवान चढ़ा। फिर वह एक के बाद एक चोटियों को फतह करते गए। राजेंद्रनगर में मां जलसा देवी, भाई नीरज सिंह, दीपक सिंह और बहन नीतू सिंह के साथ रहने वाले नितीश ने बारहवीं की पढ़ाई राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज से उत्तीर्ण की है। वर्तमान में वह गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 6
नितीश सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
क्या है एल्पाइन एक्सपीडिशन तकनीक
ऊंची चोटियों की चढ़ाई बेहद दुर्गम होती है। ऊपर चढ़ने के दौरान थकान का एहसास ज्यादा होता है। खासकर हाड़ कंपाने वाली ठंड में सामान लेकर ज्यादा दूर तक चढ़ाई करना बेहद कठिन कार्य हो जाता है। ऐसे में चढ़ाई करने वाले लोगों की तरफ से गाइड और सामान ढोने वाले पोर्टर की मदद ली जाती है। एल्पाइन एक्सपीडिशन तकनीक के तहत आप सामान से लेकर अपने जाने का मार्ग तक अकेले ही चुनते हैं। पहाड़ पर खाना बनाना, टेंट लगाना, रास्ता ढूंढना सभी काम को खुद करने पड़ते हैं। इसके लिए बकायदा कड़े प्रशिक्षण की जरूरत होती है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।