उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में वाराणसी के साथ ही गोरखपुर में भी मेट्रो संचालन के लिए एक अरब रुपये मिले हैं। इससे मेट्रो परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।
UP BUDGET 2022: गोरखपुर मेट्रो को मिलेगी गति, जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद
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सर्वे के बाद डीपीआर तैयार किया गया, जिसे बीते साल ही मंजूरी दे दी गई थी। रेल ट्रांजिट परियोजना में दो कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए । पहला कॉरिडोर श्यामनगर से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक होगा। इसकी लंबाई 15.14 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर में 14 स्टेशन होंगे। दूसरा कॉरिडोर बीआरडी मेडिकल कॉलेज से नौसड़ चौराहे तक जाएगा। इसकी लंबाई 12.70 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर में 13 स्टेशन होंगे। डीपीआर के मुताबिक हर एक किलोमीटर पर एक स्टेशन बनाया जाएगा।
पहला रूट
श्याम नगर, बरगदवां, शास्त्रीनगर, नथमलपुर, गोरखनाथ मंदिर, हजारीपुर, धर्मशाला, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, यूनिवर्सिटी, मोहद्दीपुर, रामगढ़ताल, एम्स, मालवीयनगर, एमएमएमयूटी
दूसरा रूट-
बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मुगलहा, खजांची बाजार, बशारतपुर, अशोक नगर, वैष्णो नगर, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर, कचहरी चौराहा, बेतियाहाता, ट्रांसपोर्टनगर, नौसड़
रूट पर फोरलेन का निर्माण कार्य लगभग पूरा
महानगर में जिन रूटों से मेट्रो गुजरेगी, उस पर फोरलेन निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। टेक्निकल यूनिवर्सिटी से गुरुंग तिराहा होते हुए मोहद्दीपुर तक फोरलेन बन चुका है। इसी तरह मोहद्दीपुर से गोरखनाथ मंदिर होते हुए जंगल कौड़िया तक फोरलेन का काम आखिरी चरण में है। चूंकि, फोरलेन के डिवाइडर पर ही मेट्रो के लिए पिलर बनने हैं, ऐसे में अब कोई बाधा नहीं रहेगी। इसी के साथ गुलरिहा से मेडिकल कॉलेज, असुरन होते हुए धर्मशाला तक भी पिलर बनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि लाइट मेट्रो के साथ ही कैबिनेट से गोरखपुर शहर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने से योजना को रफ्तार मिलेगी। उम्मीद है कि मेट्रो को लेकर जल्द ही जमीनी स्तर पर भी काम दिखाई पड़ने लगेगा।