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कौन है शमशेर आलम? जो फर्जी ई-टिकट बनाने में हामिद का 'गुरु', एसपी ने किए चौंकाने वाले खुलासे
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बस्ती
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 02 Feb 2020 09:13 PM IST
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e ticket racket
- फोटो : amarujala
फर्जी आईडी व सॉफ्टवेयर की मदद से तत्काल ट्रेन ई-टिकट बनाने वाले गिरोह का सरगना हामिद अशरफ नहीं, शमशेर आलम निकला। ये एक ही टाइम में सैकड़ों ई-टिकट बना लेता था और जरूरतमंदों को दो से तीन गुना अधिक कीमत पर बेचता था।
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- फोटो : amarujala
2016 में हामिद को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया और इसके बाद से दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। हामिद को शमशेर पर मुखबिरी का शक था। शमशेर आलम तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर आईआरसीटीसी के समानांतर फर्जी आईडी तैयार कर अवैध सॉफ्टवेयर के माध्यम से एक ही समय एक ही कंप्यूटर से अनेक लॉगिंग कर लिया करता था। तकनीकी भाषा में कहा जाए तो वह ट्रेवल प्लान सिक्योरिटी कैप्चर एवं बैंक डिटेल्स ऑटोफिल को बाईपास कर सैकड़ों ई-टिकट बना लेता था और जरूरतमंदों को दो से तीन गुना अधिक कीमत पर बेचता था।
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e ticket racket
- फोटो : amarujala
एसपी हेमराज मीणा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गिरफ्तार किया गया शमशेर आलम गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के कोल्हुई का रहने वाला है। गिरोह के सरगना शमशेर आलम को आरपीएफ व पुलिस की संयुक्त टीम ने धर दबोचा। 25 हजार के इस इनामी को बस्ती के पटेल चौराहे के पास से कार समेत गिरफ्तार किया गया। उसके पास से छह लाख रुपये नकद, मोबाइल व लैपटॉप बरामद किए गए हैं। वह यू ट्यूब के माध्यम से देशभर में फैले टिकट एजेंटों को भी सॉफ्टवेयर बेचता था और उसके एवज में मासिक किराया लेता था।
hamid ashraf
- फोटो : amarujala
शमशेर व्यवसाय में लगाकर काले धन को करता था सफेद
जनपद के पटेल चौराहे से गिरफ्तार तत्काल ट्रेन ई-टिकट के गोरखधंधे के सरगना शमशेर आलम ने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए कई व्यवसाय कर रखे थे। उसने अपने और परिजनों के नाम से जमीन भी खरीद रखी है।
अपने और परिजनों के नाम खरीद रखी है 40 बीघा जमीन
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि शमशेर का सीमेंट से ईंट बनाने का कारखाना है। साथ ही वह एक नर्सरी स्कूल चलाता है। उसने डिब्बा बंद पानी का प्लांट भी लगा रखा है। इनके जरिए वह ई-टिकट के अवैध धंधे से कमाई गई रकम को सफेद करता था। एसपी ने बताया कि शमशेर ने गोंडा में अपने और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से 40 बीघा जमीन खरीद रखी है।
जनपद के पटेल चौराहे से गिरफ्तार तत्काल ट्रेन ई-टिकट के गोरखधंधे के सरगना शमशेर आलम ने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए कई व्यवसाय कर रखे थे। उसने अपने और परिजनों के नाम से जमीन भी खरीद रखी है।
अपने और परिजनों के नाम खरीद रखी है 40 बीघा जमीन
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि शमशेर का सीमेंट से ईंट बनाने का कारखाना है। साथ ही वह एक नर्सरी स्कूल चलाता है। उसने डिब्बा बंद पानी का प्लांट भी लगा रखा है। इनके जरिए वह ई-टिकट के अवैध धंधे से कमाई गई रकम को सफेद करता था। एसपी ने बताया कि शमशेर ने गोंडा में अपने और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से 40 बीघा जमीन खरीद रखी है।
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तीनों आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि शमशेर को कंप्यूटर की अच्छी जानकारी है और वह अपने गिरोह को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करता था। व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर जैसे माध्यमों से निम्न मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चों को तरह-तरह के सब्जबाग दिखाकर जोड़ता था और बाद में उन्हें ट्रेंड कर ई-टिकट के धंधे में शामिल कर लेता था।
टेरर फंडिंग मामले में अशरफ गैंग के 3 साथी गिरफ्तार
टेरर फंडिंग मामले में वांछित चल रहे हामिद अशरफ के तीन साथियों को आरपीएफ ने मऊ में गिरफ्तार कर लिया है। आरपीएफ, सीआईबी व बस्ती पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में तीनों पकड़े गए। 8 दिसंबर को आरपीएफ गोंडा ने इनके खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था तभी से तीनों फरार चल रहे थे।
टेरर फंडिंग मामले में अशरफ गैंग के 3 साथी गिरफ्तार
टेरर फंडिंग मामले में वांछित चल रहे हामिद अशरफ के तीन साथियों को आरपीएफ ने मऊ में गिरफ्तार कर लिया है। आरपीएफ, सीआईबी व बस्ती पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में तीनों पकड़े गए। 8 दिसंबर को आरपीएफ गोंडा ने इनके खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था तभी से तीनों फरार चल रहे थे।