सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए पुरानी बातें भूलनी पड़ती हैं। कुछ लोग पुरानी बात याद दिलाते हैं, पर बसपा अध्यक्ष से हमारा व्यवहार अच्छा है। उन्होंने मायावती से हुई मुलाकात को अच्छा बताया। बसपा से गठबंधन के सवाल पर कहा, ये भविष्य की बातें हैं। हमारे कांग्रेस से भी अच्छे संबंध हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष और हम युवाओं की समस्याओं का मिलकर निपटारा करेंगे।
मायावती से मुलाकात पर बोले अखिलेश यादव, कहा- बसपा सुप्रीमो से हमारा व्यवहार अच्छा
अखिलेश ने कहा, समाजवादी लोग सबका सम्मान करते हैं। जीत के बाद भी हमें अपना व्यवहार सही रखना है। उपचुनावों में सपा की जीत जनता व लोकतंत्र की जीत है। यह गरीबों, किसानों, मजदूरों, नौजवानों, व्यापारियों, महिलाओं की जीत है। उपचुनाव के दौरान ईवीएम में खराबी आने से घंटों मतदान बाधित न होता तो सपा की जीत और ज्यादा मतों से होती। उन्होंने चुनाव में सहयोग देने वाले दलों बसपा, निषाद पार्टी, एनसीपी, पीस पार्टी, रालोद, वामपंथी दलों का फिर आभार जताया। दिल्ली की राजनीति करने के सवाल पर बोले, हम दिल्ली जाने पर कम भरोसा करते हैं, साइकिल चलाते हैं और गांव जाना चाहते हैं।
कान में बात करने वाले अफसरों ने हरवाया
दोनों सीटों पर उपचुनाव में भाजपा की हार पर अखिलेश ने कहा कि हमारे साथ काम कर चुके कुछ अधिकारी आजकल मौजूदा मुख्यमंत्री के साथ हैं। वे हमारे कान में बहुत सारी बातें बताते थे, अब योगीजी के कान में बता रहे हैं। ऐसे ही अफसरों ने उन्हें चुनाव हरवा दिया।
अमर अंकल के बारे में सब जानते हैं
बसपा से गठबंधन को लेकर अमर सिंह की टिप्पणी को अखिलेश ने हल्के-फुल्के ढंग से लिया। कहा, अमर सिंह हमारे अंकल हैं। वे हमारे बारे में जानते हैं और हम उनके बारे में जानते हैं।
जातियों को आबादी के मुताबिक मिले हिस्सेदारी
निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कहा कि कांशीराम का नारा, जिसकी जितनी संख्या भारी-उसकी उतनी हिस्सेदारी, धीमा पड़ गया था। इसका एक ही तरीका है सभी जातियों को आधार से लिंक करें और आबादी के मुताबिक हिस्सेदारी दें। पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉ. अयूब ने कहा कि भाजपा की बांटने और लड़ाने वाली राजनीति के खिलाफ जो जनादेश आया है, उससे सामाजिक परिवर्तन के संकेत मिलते हैं। अल्पसंख्यकों में खौफ था। अखिलेश यादव ने उसे दूर कर दिया है। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, इंद्रजीत सरोज, बलराम यादव, राजेंद्र चौधरी, आरके चौधरी, अरविंद सिंह गोप, महबूब अली, शैलेंद्र यादव ललई, नरेंद्र वर्मा, रामसुंदर दास निषाद समेत कई विधायक व प्रमुख नेता मौजूद रहे।