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देवी मां के पूजन में इन चीजों को करें शामिल तो हर मनोकामनाएं होंगी पूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 16 Mar 2018 02:11 PM IST
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navratri 2018
- फोटो : amar ujala
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मां दुर्गा की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि 18 मार्च से शुरू हो रहा है। सनातन धर्म में हिंदू नव वर्ष के आरंभ में ही जगतजननी की भक्ति को सर्वोपरि माना गया है। मां की पूजा से जहां मन को शांति मिलती है, वहीं शक्ति का संचार भी होता है। इस बार पड़ रहे आठ दिन के नवरात्र का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नवरात्र में सच्ची भक्ति करने वालों की मनोकामनाएं माता रानी जरूरी पूरी करती हैं।
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लखनऊ के आचार्य प्रदीप तिवारी के अनुसार पूजा की कुछ सरल विधियां अपनाकर मां को प्रसन्न किया जा सकता है। उनका कहना है कि हर व्यक्ति की कोई न कोई कामना होती है। इसी के आधार पर पूजा की भी अलग-अलग विधियां हैं। अपनी कामना के अनुसार मां की पूजा करें तो फल अवश्य प्राप्त होगा।
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नवरात्रि के प्रथम दिन प्रातः काल में स्थापित करें। हालांकि, कलश स्थापना का सबसे उत्तम मूहुर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:32 तक है। इसके बाद माता की प्रतिमा की स्थापना करें। ध्यान रखें प्रतिमा का मुख उत्तर दिशा को ओर न हो।
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आचार्य प्रदीप तिवारी बताते हैं कि विद्या के इच्छुक लोग स्नान कर श्वेत वस्त्र धारण करें। सफेद आसन बिछाकर उत्तर मुख बैठकर मां के सरस्वती रूप का ध्यान कर उनकी आराधना करें। इस मंत्र का भी जप करें -
ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा
ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा
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दाम्पत्य सुख के लिए लाल वस्त्र धारण कर कमल के फूल के द्वारा देवी कात्यायनी की आराधना करनी चाहिए। मां को ऋंगार सामग्री अर्पित कर इस मंत्र का जप करें-
ऊँ क्लीं कत्यायनै नम:
ऊँ क्लीं कत्यायनै नम: