शिया वक्फ बोर्ड के निरीक्षण को पहुंचे प्रदेश के मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री मोहसिन रजा गुरुवार को कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला देखकर भड़क गए। नाराज मंत्री ने काफी देर तक दफ्तर के बाहर रखी बेंच पर बैठकर कर्मचारियों का इंतजार किया, लेकिन कोई नहीं आया। इससे झल्लाए मंत्री सुन्नी वक्फ बोर्ड कार्यालय पहुंचे तो फाइलों के ढेर देख उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। (निरीक्षण करते मोहसिन रजा।)
योगी के मंत्री को कबाड़ कार में मिलीं अधजली फाइलें, दर्ज कराई एफआईआर
उन्होंने मौके पर ही पुलिस बुलाकर फाइलों को सील करवाकर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कबाड़ हो चुकी कार में अधजली व फटी फाइलों के मिलने पर उन्होंने घोटाले की आशंका भी जताई है। राज्यमंत्री दोपहर करीब 3 बजे माल एवेन्यू स्थित सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड दफ्तर पहुंचे। यहां फाइलों के रख-रखाव का तरीका देखकर उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई। का0र्यालय परिसर के कोने में खड़ी कबाड़ हो चुकी कार का उन्होंने दरवाजा व डिग्गी खोलकर देखा तो उसमें अधजली व फटी फाइलें थी। इस पर उन्होंने घोटाले की आशंका जताते हुए क्षेत्राधिकारी को मौके पर बुलाकर फाइलें कस्टडी में लेने और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
वहीं, इंदिरा भवन स्थित शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड कार्यालय पर करीब 11.30 बजे पहुंचे मंत्री को गेट पर एक नोटिस चस्पा मिली जिस पर 22 रजब को दफ्तर रहने की सूचना थी और कोई जिक्र नहीं था। काफी देर तक इंतजार के बाद किसी के पहुंचने से नाराज मंत्री ने मुख्यमंत्री से बोर्ड को भंग करने की सिफारिश करने की बात कही है। बता दें 10 अप्रैल को भी उन्होंने निरीक्षण में लेटलतीफी पर कर्मचारियों को फटकार लगा चुके हैं।
कर्मचारियों ने की बकाया वेतन दिलाने की मांग
निरीक्षण के दौरान मोहसिन उस समय असमंजस में पड़ गए जब कर्मचारी उनसे बकाया वेतन दिलाने की मांग करने लगे। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें कई महीने से वेतन नहीं मिला है। इस पर उन्होंने समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया।
बोर्ड में आजम का फोटो न देख हुए खुश
वक्फ बोर्ड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान दफ्तर में कहीं पर भी सपा सरकार की निशानी दिखाई न देने पर राज्यमंत्री की नाराजगी कम हो गई। कार्यालय में घूमते समय राज्यमंत्री नजरें दीवारों पर पिछली सरकार के मंत्रियों के फोटो ढूढने की कोशिश में थीं। आखिर में फोटो न मिलने पर उन्होंने कर्मचारी से इसके लिए खुशी जाहिर की।
