डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय सोमवार तड़के पुलिस की सतर्कता परखने के लिए सड़क पर उतरे। दो अधिकारियों ने तीन घंटे तक राजधानी का भ्रमण किया। इस दौरान ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले एक चौकी प्रभारी सहित 8 पुलिस कमियों को लाइनहाजिर कर दिया गया। एक पीआरवी पर तैनात सिपाही को पुलिस कमिश्नर ने पिट्ठू दौड़ कराया।
सुबह चार बजे मुस्तैदी जांचने निकले डीजीपी व पुलिस कमिश्नर, सोता मिला सिपाही तो करा दी पिट्ठू दौड़
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बैरिकेडिंग, पीआरवी प्वॉइंट की हुई जांच: दोनों अधिकारियों के औचक निरीक्षण में कई प्वॉइंट पर पुलिस की लापरवाही सामने आई। दोनों अधिकारियों ने सरोजनीनगर, कृष्णानगर, आलमबाग, कैंट, विभूतिखंड, गोमतीनगर, गाजीपुर, चिनहट में चेकिंग की। ड्यूटी प्वॉइंट को चेक किया गया। इसमें तीन पीआरवी और दो चौकी प्रभारी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतते हुए नजर आए।
इन पर चला कार्रवाई का चाबुक
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक, टीपीनगर के चौकी प्रभारी उमेश चंद्र नैथानी को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं पीआरवी 4327 पर तैनात आरक्षी अंकित व रवि कुमार, पीआरवी 212 पर तैनात मुख्य आरक्षी ओम सिंह व पायलट संजीव कुमार तथा पीआरवी 488 पर तैनात मुख्य आरक्षी सुरेश कुमार, आरक्षी संजय कुमार और पायलट सुग्रीव ठाकुर को ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर किया गया। एक पीआरवी पर तैनात सिपाही सोते मिला। पुलिस कमिश्नर ने सिपाही को मौके पर ही पिट्ठू दौड़ कराना शुरू कर दिया।
कई जगह मिली लापरवाही
डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि शहर में पुलिस की मुस्तैदी देखने निकला था। सुबह के वक्त यह देखना जरूरी था कि आखिर किन कारणों से अपराध हो रहे हैं। कानपुर रोड से चिनहट तक पुलिस कमिश्नर के साथ निरीक्षण किया। इसमें कई जगह लापरवाही मिली। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिस पर पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने तत्काल लापरवाह दो चौकी प्रभारी सहित 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
डीजीपी ने लगाई अफसरों की क्लास
सुबह औचक भ्रमण के बाद देर शाम डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने पुलिस अफसरों के पेंच कसे। सीमा विवाद का मुद्दा न बनाने और शहर में पुलिस की सक्रियता दिखनी चाहिए और आम लोगों को इसका अहसास होना चाहिए। सिग्नेचर बिल्डिंग में पुलिस अफसरों के साथ डीजीपी ने बैठक की।
उन्होंने कहा कि अब डिफेंस एक्सपो जैसे बड़े आयोजन समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ पुलिस अब जिले की पुलिस नहीं है, जो सीमा विवाद जैसे विवादों में पड़े। अब सबको भूमिका समझनी होगी और मेहनत करनी होगी। आम लोगों को भी कमिश्नरी सिस्टम का असर दिखना चाहिए।