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एएसपी मनीषा सिंह ने छात्राओं को समझाया 'अपराजिता' का मतलब, दिए सुरक्षा के मंत्र
Fri, 24 Jan 2020 05:51 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 24 Jan 2020 05:51 PM IST
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एएसपी मनीषा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सिकंदरा स्थित श्री नारायणी कन्या इंटर कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में एडीजी जोन की स्टाफ अफसर एएसपी मनीषा सिंह ने शिक्षक की तरह छात्राओं को न सिर्फ कानून की जानकारी दी, बल्कि अपना लक्ष्य निर्धारित कर सफलता प्राप्त करने की सीख दी। छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। उन्हें गुड और बैड टच के बारे में बताया। कहा कि कोई छेड़छाड़ करे तो चुप न रहें। खुलकर बताएं। पुलिस की मदद लें।
अपराजिता कार्यक्रम में छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
एएसपी मनीषा सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत अमर उजाला के अपराजिता अभियान की जानकारी देकर की। रानी लक्ष्मी बाई का उदाहरण देते हुए अपराजिता का मतलब समझाया। उन्होंने कहा कि जो किसी से पराजित न हो, अजेय हो, वो अपराजिता है। जिस प्रकार रानी लक्ष्मी बाई ने कठिनाइयों का सामना करते हुए युद्ध लड़ा, उसी तरह अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही है कि आप उन्हीं की तरह वीरांगना बनें। अपने अंदर वीरांगना वाले गुण पैदा करें। शिक्षा के साथ ही अच्छे संस्कार, अच्छे गुण आपको इसी उम्र में विकसित करने हैं। ताकि बड़े होने पर हम सभी को गर्व हो। उन्होंने अभियान को काफी सराहा
अपराजिता के कार्यक्रम में छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
छात्राओं को बताया कि संविधान में स्त्री और पुरुषों को बराबर अधिकार मिलें है। फिर भी समाज में भेदभाव किया जाता है। समाज में बदलाव की जरूरत है। क्या सही है और क्या गलत, गुड टच और बेड टच समझाते हुए कहा कि महिलाओं में सिक्स सेंस होता है। इससे सामने वाले के हावभाव पहचानें। आटो, बस में छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। कई बार लड़कियां डर की वजह से घटना छिपा लेती हैं। इसे छिपाएं नहीं, अपने स्कूल के शिक्षक, प्रधानाचार्य और अभिभावक को बताएं।
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छात्राओं को संबोधित करतीं एएसपी मनीषा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मनीषा सिंह ने कहा कि रास्ते में कोई छेड़छाड़ करता है, पीछा करता है तो उसका मोबाइल से फोटो खींच लें। बाइक और आटो का नंबर नोट कर लें। पकड़ने की कोशिश करे तो डरें नहीं। शोर मचाएं। अगर, कोई नहीं आता है तो हमला करें। अपने पैन और बालों के क्लैचर को हथियार के रूप में प्रयोग करें। पुलिस से शिकायत करने में घबराएं नहीं। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 और वीमेन पावर लाइन 1090 के बारे में भी बताया।
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छात्राओं को संबोधित करतीं एएसपी मनीषा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया के एक हजार मित्र से अच्छा आपका नजदीकी मित्र
एएसपी मनीषा सिंह ने व्हाटस एप, इंस्ट्राग्राम, ट्वीटर, फेसबुक के इस्तेमाल के बारे में भी सचेत किया। कहा कि इन पर फालोअर बनाने, लाइक और कमेंट के चक्कर में न रहें। सोशल मीडिया पर सच्चाई का प्रतिशत बहुत कम है। वर्चुअल वर्ल्ड के एक हजार मित्र से अच्छा आपके नजदीक का मित्र होता है। अपने सच्चे दोस्त बनाएं, चाहें फिर वो छोटा और बड़ा ही क्यों न हो। सोशल मीडिया पर अपने निजी फोटो और जानकारी को शेयर न करें। फोटो शेयर करें तो सेफ्टी फीचर्स को ऑन करें। किसी मुद्दे और किसी व्यक्ति के बारे में बिना सोचे समझे कमेंट नहीं करना चाहिए।
एएसपी मनीषा सिंह ने व्हाटस एप, इंस्ट्राग्राम, ट्वीटर, फेसबुक के इस्तेमाल के बारे में भी सचेत किया। कहा कि इन पर फालोअर बनाने, लाइक और कमेंट के चक्कर में न रहें। सोशल मीडिया पर सच्चाई का प्रतिशत बहुत कम है। वर्चुअल वर्ल्ड के एक हजार मित्र से अच्छा आपके नजदीक का मित्र होता है। अपने सच्चे दोस्त बनाएं, चाहें फिर वो छोटा और बड़ा ही क्यों न हो। सोशल मीडिया पर अपने निजी फोटो और जानकारी को शेयर न करें। फोटो शेयर करें तो सेफ्टी फीचर्स को ऑन करें। किसी मुद्दे और किसी व्यक्ति के बारे में बिना सोचे समझे कमेंट नहीं करना चाहिए।