मैनपुरी जिले में बुखार के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शुक्रवार को बुखार से पीड़ित एक किशोरी सहित छह लोगों की मौत हो गई। वहीं जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित 67 मरीजों को भर्ती कराया गया है। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव अहिरवा निवासी अजब सिंह (55) को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। बृहस्पतिवार को परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। ज्योंती खुडिय़ा निवासी ग्याप्रसाद (60) को भी पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने बृहस्पतिवार की रात उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। भोगांव के मोहल्ला चौधरी निवासी बालकाराम के पुत्र गोपाल (22) को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मैनपुरी में जानलेवा बुखार: किशोरी सहित छह की मौत, जिला अस्पताल में 67 मरीज भर्ती
एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव अजीतगंज निवासी लज्जावती को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था शुक्रवार को गंभीर हालत में परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव गनेशपुर निवासी चरन सिंह की पुत्री निधि (17) को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को गंभीर हालत में परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डेंगू से पीड़ित प्रधानाध्यापिका की मौत
घिरोर विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय नगला हार की प्रधानाध्यापिका अर्चना देवी जो वर्तमान में मैनपुरी कोतवाली थाना क्षेत्र में करहल चौराहे के पास निवासी करती थीं को पिछले दो दिनों से बुखार आ रहा था। पति ओमकार सिंह ने उनकी जांच कराई तो वे डेंगू पॉजिटिव निकली। बृहस्पतिवार की रात उनकी हालत बिगड़ी तो पति उन्हें जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल से उन्हें आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें एंबुलेंस से आगरा ले जा रहे थे कि उनकी मौत हो गई।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की। डीएम ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता ज्वर से पीड़ित व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। डीएम ने कहा कि जो गांव बुखार से ज्यादा प्रभावित हैं, वहां कम से कम चार पांच दिन कैंप लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं। घर-घर दवा का छिड़काव हो। प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने क्षेत्र के कम से कम दो गांव का प्रतिदिन भ्रमण करें। अपर, उप मुख्य चिकित्साधिकारी कम से कम दो-दो स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करें।
डीएम ने कहा कि झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाकर रिपोर्ट लिखाई जाए। सफाईकर्मी कम से कम आठ घंटे काम करें। लापरवाही बरतने वालों को नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति की जाए। जनपद में संचालित 19 अल्ट्रासाउंड सेंटर का प्रतिमाह आकस्मिक निरीक्षण किया जाए। सीडीओ विनोद कुमार, सीएमओ पीपी सिंह, सीएमएस महिला एके पचौरी, डीपीआरओ स्वामीदीन, बीएसए कमल कुमार, क्षय रोग अधिकारी आरपी सिंह, आरके सिंह, डीएमसी यूनीसैफ संजीव पांडेय, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र गौर, डीपीएम संजीव मौजूद रहे।
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