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UP: अब नहीं जाना होगा रजिस्ट्री दफ्तर...घर बैठे होगी जमीन की खरीद-फरोख्त, इन लोगों के लिए सुविधा शुरू
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:29 AM IST
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सार
जमीन की खरीद-फरोख्त करनी है, लेकिन रजिस्ट्री दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे लोगों को बड़ी सहूलियत दी गई है। अब घर बैठे भी जमीन की रजिस्ट्री की जा सकेगी। सब रजिस्ट्रार घर पर पहुंचकर सभी प्रक्रिया पूरी कराएंगे।
आगरा सदर तहसील निबन्धन भवन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर की तीन मंजिला इमारत और उसकी घिस चुकीं फिसलन भरी सीढ़ियां अब बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार लोगों की राह का रोड़ा नहीं बनेंगी। शारीरिक अक्षमता के कारण रजिस्ट्री दफ्तर आने में असमर्थ लोगों तक अब सब-रजिस्ट्रार खुद पहुंचेंगे। जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी रजिस्ट्री की प्रक्रिया घर पर ही संपन्न कराएंगे।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) योगेश कुमार ने बताया कि जो लोग कार्यालय आने की स्थिति में नहीं हैं, उनके लिए होम विजिट पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए आवेदक को कुछ जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। आवेदक को संबंधित सब-रजिस्ट्रार को एक प्रार्थनापत्र देना होगा। बीमारी की स्थिति में इलाज का विवरण और शारीरिक स्थिति बतानी होगी।
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवेदक की स्थिति का वीडियो भेजने पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए 5,100 रुपये अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। इसके अलावा स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क अलग देय होगा। 5,100 रुपये अतिरिक्त शुल्क सरकारी कोष में जमा होगा।
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सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) योगेश कुमार ने बताया कि जो लोग कार्यालय आने की स्थिति में नहीं हैं, उनके लिए होम विजिट पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए आवेदक को कुछ जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। आवेदक को संबंधित सब-रजिस्ट्रार को एक प्रार्थनापत्र देना होगा। बीमारी की स्थिति में इलाज का विवरण और शारीरिक स्थिति बतानी होगी।
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प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवेदक की स्थिति का वीडियो भेजने पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए 5,100 रुपये अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। इसके अलावा स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क अलग देय होगा। 5,100 रुपये अतिरिक्त शुल्क सरकारी कोष में जमा होगा।
दुश्वारियों से मिलेगी मुक्ति
सदर तहसील में पांच सब-रजिस्ट्रार कार्यालय संचालित हैं। ये तीन मंजिला भवन में हैं। इसकी सीढ़ियां काफी घिस चुकी हैं। अक्सर यहां बुजुर्गों और दिव्यांगों के फिसलने से हादसे होते रहते हैं। बरसात के दिनों में यहां जोखिम और बढ़ जाता है। इस व्यवस्था के प्रभावी होने से अब गंभीर मरीजों और असहाय लोगों को जोखिम भरी सीढ़ियों पर नहीं चढ़ना पड़ेगा।
सदर तहसील में पांच सब-रजिस्ट्रार कार्यालय संचालित हैं। ये तीन मंजिला भवन में हैं। इसकी सीढ़ियां काफी घिस चुकी हैं। अक्सर यहां बुजुर्गों और दिव्यांगों के फिसलने से हादसे होते रहते हैं। बरसात के दिनों में यहां जोखिम और बढ़ जाता है। इस व्यवस्था के प्रभावी होने से अब गंभीर मरीजों और असहाय लोगों को जोखिम भरी सीढ़ियों पर नहीं चढ़ना पड़ेगा।
जेल में बंद कैदी भी करा सकेंगे रजिस्ट्री
निबंधन विभाग जेल में निरुद्ध बंदियों को भी जेल से रजिस्ट्री कराने की सुविधा देगा। यदि कोई बंदी अपनी संपत्ति बेचना या खरीदना चाहता है, तो जेल परिसर के भीतर ही इस प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए सब-रजिस्ट्रार पहुंचेंगे। इसके लिए बंदी को जेल अधीक्षक को जानकारी देनी होगी। जेल अधीक्षक इसकी सूचना डीएम को देगे। डीएम के निर्देश पर सब-रजिस्ट्रार अपनी टीम के साथ जेल जाकर विलेख पंजीकरण कराएंगे। जेल में होने वाली रजिस्ट्री के लिए सिर्फ 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
भ्रष्टाचार की करें शिकायत
हमारा उद्देश्य प्रक्रिया को सुलभ और मानवीय बनाना है। जो लोग गंभीर बीमारी या वृद्धावस्था के कारण कार्यालय नहीं आ सकते, विभाग उनके घर जाकर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रक्रिया में यदि कोई भ्रष्टाचार करता है, तो उसकी शिकायत दर्ज कराएं। - योगेश कुमार, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
निबंधन विभाग जेल में निरुद्ध बंदियों को भी जेल से रजिस्ट्री कराने की सुविधा देगा। यदि कोई बंदी अपनी संपत्ति बेचना या खरीदना चाहता है, तो जेल परिसर के भीतर ही इस प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए सब-रजिस्ट्रार पहुंचेंगे। इसके लिए बंदी को जेल अधीक्षक को जानकारी देनी होगी। जेल अधीक्षक इसकी सूचना डीएम को देगे। डीएम के निर्देश पर सब-रजिस्ट्रार अपनी टीम के साथ जेल जाकर विलेख पंजीकरण कराएंगे। जेल में होने वाली रजिस्ट्री के लिए सिर्फ 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
भ्रष्टाचार की करें शिकायत
हमारा उद्देश्य प्रक्रिया को सुलभ और मानवीय बनाना है। जो लोग गंभीर बीमारी या वृद्धावस्था के कारण कार्यालय नहीं आ सकते, विभाग उनके घर जाकर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रक्रिया में यदि कोई भ्रष्टाचार करता है, तो उसकी शिकायत दर्ज कराएं। - योगेश कुमार, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
