Agra: किसी के बेटों ने मुंह मोड़ा तो किसी के पौत्रों ने की मारपीट, अपनों से दूर आश्रम में कट रही जीवन की सांझ
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फादर्स डे के बाद चार बुजुर्ग रामलाल वृद्धाश्रम पहुंचे। आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि एक बुजुर्ग को उनका बेटा आश्रम में छोड़ गया था जबकि अन्य लोगों से रास्ता पूछते-पूछते आ गए। तीन बुजुर्गों के बेटों ने मुंह मोड़ लिया था जबकि एक को उनके पौत्रों ने मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया था।
फादर्स डे के दूसरे दिन पौत्रों ने घर से निकाला
शास्त्रीपुरम निवासी 90 वर्षीय कन्हैया लाल ने बताया कि बेटे की तीन साल पहले हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद से बहू और पौत्र उनसे अक्सर झगड़ने लगे थे। उनका घर में रहना दुश्वार कर दिया था। जायदाद के लिए पौत्र आए दिन मारपीट करते। 18 जून को भी मारपीट की और घर से बाहर निकाल दिया था। तब छोटे पौत्र ने कहा कि इन्हें रविवार तक और रखते हैं, फादर्स डे के बाद घर छोड़ने के लिए कह देंगे। सोमवार को पौत्रों ने रात में घर से बाहर निकाल दिया। जैसे-तैसे आश्रम पहुंचा। यह कहते हुए कन्हैया लाल अपने आंसू नहीं रोक पाए और फफककर रोने लगे।
एक बेटे ने छोड़ा चौराहे पर, दूसरे ने आश्रम में
बेलनगंज निवासी 70 वर्षीय राधाकृष्ण वर्मा को उनका बेटा फादर्स डे की रात को आश्रम छोड़ गया था। भर्राई आवाज में बोले कि पत्नी की 45 साल पहले मौत हो गई थी। चार बच्चों की जिम्मेदारी मैंने अकेले संभाली। कभी उनको मां की कमी महसूस नहीं होने दी। जीवन के जिस पड़ाव पर मुझे उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी उन्होंने मुझसे दामन छुड़ा लिया। कुछ देर की चुप्पी और बहते हुए आंसुओं को पोंछने के बाद उन्होंने बताया कि बड़ा बेटा फादर्स डे की देर रात बेलनगंज चौराहा पर उनको छोड़ गया था। लोगों ने छोटे बेटे को फोन किया। लगा कि वह मुझे आकर ले जाएगा। छोटा बेटा आया लेकिन वो मुझे घर नहीं लेकर गया, आश्रम छोड़ गया।