आगरा में अफसरों के काम करने के तरीके के दो पहलू सामने आए हैं। 13 मई को आए मुख्यमंत्री को जिन रास्तों से गुजरना था, जिन जगहों पर जाना था, वहां 24 घंटे के भीतर सुरत संवार दी गई। एमजी रोड पर रंग रोगन हो गया, पथौली में गलियों साफ कर दी गईं, कूड़ा उठा दिया गया। खेरिया एयरपोर्ट से लेकर नगर निगम तक का नजारा बदल दिया गया। लेकिन शहर में अन्य जगह बदहाल बनी हुई हैं। टेढ़ी बगिया में 15 दिन से लोगों के घरों के सामने नाले का पानी भरा हुआ है लेकिन सुध नहीं ली जा रही। टेढ़ी बगिया में 15 दिनों से भूमिगत नाला चोक होने से उफन रहा है। गंदा पानी 5 गलियों में लोगों के घरों के सामने भर गया है। ईद और अक्षय तृतीया पर घर की दहलीज तक भरे नाले के पानी से लोग परेशान रहे। घर से बाहर निकलने पर उन्हें नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ा।
आगरा: जहां से मुख्यमंत्री को गुजरना था वहां की सूरत संवारी, बाकी जगह बदहाली
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नगर निगम के अधिकारी 15 दिन से समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की बात कह रहे हैं। यमुनापार क्षेत्र के टेढ़ी बगिया में 100 फुटा रोड पर भूमिगत नाला धंस जाने के कारण चोक हो गया। इसके कारण ही नाले से सटी गलियों में गंदा पानी भर गया है। टेढ़ी बगिया 100 फुटा रोड पर करीब पांच हजार लोग घरों के सामने नाले का गंदा पानी भरने के कारण परेशान हैं।
इंजीनियर सुन नहीं रहे, नगर आयुक्त से शिकायत
टेढ़ी बगिया की पार्षद मिथिलेश ने बताया कि एक मई से लगातार इंजीनियरों को नाला धंस जाने और जलभराव की शिकायत कर रहे हैं, पर कोई सुनवाई नहीं कर रहे। अब नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे से शिकायत कर जलभराव की समस्या दूर करने की मांग की है। पार्षद के मुताबिक कोरोना कर्फ्यू में जब लोगों का आवागमन ज्यादा नहीं है, तब नाले से हो रहे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करा दिया जाए। जब बाजार खुल जाएंगे, तब दिक्कत ज्यादा होगी।
स्थायी समाधान के लिए कहा है
नगर आयुक्त निखिल टी फुंड ने बताया कि पार्षद ने मुझसे नाले के चोक होने और जलभराव की शिकायत की है। मैंने इंजीनियरों से कहा है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। निर्माण विभाग और सेनेटरी इंस्पेक्टर मिलकर निदान तलाशेंगे।
हमें अब वादे नहीं निदान चाहिए
टेढ़ी बगिया निवासी रामचरण कर्दम ने कहा कि 15 दिन से नाले का पानी घर के सामने भरा है। निकलना भी मुश्किल हो गया। पैदल निकलने की जगह स्कूटी से होकर निकलना पड़ता है, वरना पैर और कपड़े गंदे हो जाएंगे। हमें अब वादे नहीं निदान चाहिए।
सीएम के लिए रंगाई पुताई की जाती है
टेढ़ी बगिया निवासी कपूरचंद ने कहा कि ये अधिकारी मुख्यमंत्री के आने पर रातोंरात समस्या दूर कर देते हैं, पर जनता की समस्या अनदेखी कर रहे हैं। सीएम के लिए रंगाई-पुताई हो जाती है, पर हमारी पीड़ा नहीं दूर कर रहे। यह कब तक चलेगा।
बालाजीपुरम के श्याम बाबू शर्मा ने कहा कि दो साल से सफाई नहीं हुई। चार दिन से नाला पूरी तरह से चोक हो गया है। अब इसमें पानी जाने की जगह ही नहीं। सड़क पर पानी भरने लगा है। गर्मी में भी यही हाल है। मानसून में तो थोड़ी बारिश में ही दो फुट तक पानी भरता है।
जयपुर हाउस की सुशीला निगम ने कहा कि नालियों की सफाई एक साल पहले हुई थी। तब से अब तक एक बार भी नालियों की सफाई के लिए कोई नहीं आया। सड़क से कचरा उठाकर नालियों में डाल देते हैं। इसी वजह से नालियां चोक हो गई हैं।
मंटोला के नदीम कुरैशी ने कहा कि नाला सफाई का केवल नाम है। बीते साल भी मशीन से सफाई कराई, लेकिन तलीझाड़ सफाई की जगह कहीं-कहीं से सिल्ट निकालकर ले गए। अब कचरा भरा है। हर साल जलभराव झेलना पड़ता है।