महाकुंभ मेले में माघी पूर्णिमा स्नान के बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन संगम क्षेत्र के आसपास के अलावा शहर की सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है। मंगलवार को भी वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ मार्ग पर श्रद्धालुओं को जाम से घंटों जूझना पड़ा। हालात यह हैं कि राहगीरों को महज आधे घंटे का सफर तय करने में छह से सात घंटे लग रहे हैं।
Traffic In Prayagraj : वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार, श्रद्धालु परेशान
महाकुंभ मेले में माघी पूर्णिमा स्नान के बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन संगम क्षेत्र के आसपास के अलावा शहर की सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है।
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जाम से छात्र भी रहे परेशान
मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के छात्रों का अंग्रेजी का पेपर था। सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक इनकी परीक्षा चली। इस दाैरान पत्थर गिरजाघर चौराहा स्थित बिशप जानसन स्कूल एंड कॉलेज में परीक्षा देने आए अलोपीबाग निवासी छात्र अंकित यादव ने बताया कि घर से स्कूल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। परीक्षा के लिए स्कूल में लेट न हों, इसके लिए एक घंटे पहले घर से निकलना पड़ा था।
किस हाईवे पर क्या रही जाम की स्थिति
- जौनपुर की ओर से प्रयागराज आने वाले वाहनों की कतार लगी रही। स्थानीय वाहनों समेत कुछ अन्य को ही प्रवेश दिया गया।
- प्रतापगढ़ से प्रयागराज आने वाले वाहन फाफामऊ तक गाड़ियां रेंगती हुई पहुंची। बाहरी गाड़ियों को प्रवेश देने से रोका गया।
- कानपुर-प्रयागराज मार्ग की स्थिति सामान्य रही। एयरपोर्ट, धूमनगंज होते हुए वाहनों को नेहरू पार्क तक आने दिया गया।
- मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर सुबह आठ बजे से दिनभर जाम लगा रहा। मांडा से भीरपुर तक वाहनों की कतार लगी रही।
- प्रयागराज-लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी दिनभर जाम लगा रहा। नवाबगंज से मलाक हरहर तक रुक-रुक गाड़ियां चलती रहीं।
- चित्रकूट-प्रयागराज मार्ग पर सुबह सात बजे तक जाम लगा रहा। शंकरगढ़ में सिर्फ बसों को रोका गया। अन्य वाहन को इंट्री दी गई।
- प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर सोमवार रात से ही जाम की स्थिति रही। वाहनों को सराय इनायत और फिर अंदावा पार्किंग में रोका गया।
जाम के कारण घरों में कैद रहने को मजबूर हुए दिव्यांग
जाम की समस्या ने सिर्फ वाहनों के पहिये नहीं रोके हैं, दिव्यांगों को भी घरों में कैद होने के लिए मजबूर कर दिया है। तभी तो दिव्यांग बोर्ड की बैठक में अधिकतर पात्र पिछले चार हफ्तों से प्रमाणपत्र बनवाने सीएमओ कार्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं।
दरअसल, दिव्यांगों के लिए हर सोमवार को सीएमओ कार्यालय में बोर्ड की बैठक आयोजित की जाती है। इसमें पहले औसतन 60 से अधिक पात्रों का दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किया जाता था, लेकिन पिछले चार हफ्तों में करीब 40 लोगों का दिव्यांग प्रमाणपत्र बोर्ड की तरफ से जारी किया गया है। हालात यह है कि जो दिव्यांग किसी तरह सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं, उन्हें जाम से भी घंटों दो-चार होना पड़ रहा है।
हर साल जून से लेकर अगस्त तक विशेष शिविर लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने का काम किया जाता है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह थोड़ा इंतजार करें, जाम में फंसने से अच्छा है कि वह अपने गांव में ही प्रमाणपत्र बनवाने का इंतजार कर लें। - डॉ. नवीन गिरी, डिप्टी सीएमओ व नोडल, दिव्यांग बोर्ड।