सब्सक्राइब करें

Traffic In Prayagraj : वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार, श्रद्धालु परेशान

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 18 Feb 2025 09:03 PM IST
सार

महाकुंभ मेले में माघी पूर्णिमा स्नान के बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन संगम क्षेत्र के आसपास के अलावा शहर की सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है।

विज्ञापन
Traffic In Prayagraj: Long queue of vehicles on Varanasi, Mirzapur, Lucknow road, devotees upset
मंगलवार को अलोपी मंदिर से लेकर नया बैरहना चौराहा तक लगा भीषण जाम। - फोटो : अमर उजाला।

महाकुंभ मेले में माघी पूर्णिमा स्नान के बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन संगम क्षेत्र के आसपास के अलावा शहर की सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है। मंगलवार को भी वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ मार्ग पर श्रद्धालुओं को जाम से घंटों जूझना पड़ा। हालात यह हैं कि राहगीरों को महज आधे घंटे का सफर तय करने में छह से सात घंटे लग रहे हैं।



12 फरवरी को माघी पूर्णिमा का स्नान था। अनुमान था कि इसके बाद से श्रद्धालुओं की भीड़ कम हो जाएगी। अगले दिन 13 फरवरी को इसका असर मेला क्षेत्र में दिखा, लेकिन इसके बाद से लगातार मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं के साथ ही शहरवासियों को रोजाना जाम से जूझना पड़ रहा है। सबसे बुरा हाल शहर की सीमाओं पर है, जिसमें वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ के अलावा अन्य मार्ग शामिल हैं।

हालांकि मंगलवार को कानपुर, चित्रकूट, कौशाम्बी मार्ग पर जाम की स्थिति सामान्य रही। वहीं, शहर में संगम क्षेत्र के आसपास सोहबतियाबाग, बालसन, चुंगी, अलोपीबाग, सीएमपी, बांगड़ चौराहा, लेप्रोसी समेत अन्य जगहों पर वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ा। यातायात प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि मेले में भीड़ की स्थिति को देखते हुए मार्गों पर डायवर्जन प्लान लागू किया जा रहा है। साथ ही बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश दिया जा रहा है।

Traffic In Prayagraj: Long queue of vehicles on Varanasi, Mirzapur, Lucknow road, devotees upset

जाम से छात्र भी रहे परेशान

मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के छात्रों का अंग्रेजी का पेपर था। सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक इनकी परीक्षा चली। इस दाैरान पत्थर गिरजाघर चौराहा स्थित बिशप जानसन स्कूल एंड कॉलेज में परीक्षा देने आए अलोपीबाग निवासी छात्र अंकित यादव ने बताया कि घर से स्कूल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। परीक्षा के लिए स्कूल में लेट न हों, इसके लिए एक घंटे पहले घर से निकलना पड़ा था।

Traffic In Prayagraj: Long queue of vehicles on Varanasi, Mirzapur, Lucknow road, devotees upset

किस हाईवे पर क्या रही जाम की स्थिति

- जौनपुर की ओर से प्रयागराज आने वाले वाहनों की कतार लगी रही। स्थानीय वाहनों समेत कुछ अन्य को ही प्रवेश दिया गया।

- प्रतापगढ़ से प्रयागराज आने वाले वाहन फाफामऊ तक गाड़ियां रेंगती हुई पहुंची। बाहरी गाड़ियों को प्रवेश देने से रोका गया।

- कानपुर-प्रयागराज मार्ग की स्थिति सामान्य रही। एयरपोर्ट, धूमनगंज होते हुए वाहनों को नेहरू पार्क तक आने दिया गया।

- मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर सुबह आठ बजे से दिनभर जाम लगा रहा। मांडा से भीरपुर तक वाहनों की कतार लगी रही।

- प्रयागराज-लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी दिनभर जाम लगा रहा। नवाबगंज से मलाक हरहर तक रुक-रुक गाड़ियां चलती रहीं।

- चित्रकूट-प्रयागराज मार्ग पर सुबह सात बजे तक जाम लगा रहा। शंकरगढ़ में सिर्फ बसों को रोका गया। अन्य वाहन को इंट्री दी गई।

- प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर सोमवार रात से ही जाम की स्थिति रही। वाहनों को सराय इनायत और फिर अंदावा पार्किंग में रोका गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Traffic In Prayagraj: Long queue of vehicles on Varanasi, Mirzapur, Lucknow road, devotees upset

जाम के कारण घरों में कैद रहने को मजबूर हुए दिव्यांग

जाम की समस्या ने सिर्फ वाहनों के पहिये नहीं रोके हैं, दिव्यांगों को भी घरों में कैद होने के लिए मजबूर कर दिया है। तभी तो दिव्यांग बोर्ड की बैठक में अधिकतर पात्र पिछले चार हफ्तों से प्रमाणपत्र बनवाने सीएमओ कार्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं।

दरअसल, दिव्यांगों के लिए हर सोमवार को सीएमओ कार्यालय में बोर्ड की बैठक आयोजित की जाती है। इसमें पहले औसतन 60 से अधिक पात्रों का दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किया जाता था, लेकिन पिछले चार हफ्तों में करीब 40 लोगों का दिव्यांग प्रमाणपत्र बोर्ड की तरफ से जारी किया गया है। हालात यह है कि जो दिव्यांग किसी तरह सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं, उन्हें जाम से भी घंटों दो-चार होना पड़ रहा है।

हर साल जून से लेकर अगस्त तक विशेष शिविर लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने का काम किया जाता है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह थोड़ा इंतजार करें, जाम में फंसने से अच्छा है कि वह अपने गांव में ही प्रमाणपत्र बनवाने का इंतजार कर लें। - डॉ. नवीन गिरी, डिप्टी सीएमओ व नोडल, दिव्यांग बोर्ड।

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed