उत्तर प्रदेश के बागपत स्कूलों में बिजली कनेक्शन तक नहीं होने से बच्चे गर्मी में तप रहे हैं। वहीं, अफसर एसी में आराम से बैठे हैं। हालात यह है कि किसी स्कूल में 14 साल से विद्युत कनेक्शन नहीं है तो कहीं,12 वर्ष से कनेक्शन के लिए जूझना पड़ रहा है।
सरकारी स्कूलों का बुरा हाल: गर्मी में तप रहे छात्र-छात्राएं, अफसर कूल-कूल, किताबों से हवा कर रहे बच्चे
बागपत के प्राथमिक विद्यालयों में 14 साल से बिजली कनेक्शन तक नहीं है। गर्मी के मौसम में बच्चे किताबों से हवा करते हैं। 90 फीसदी स्कूलों में इन्वर्टर तक नहीं हैं। कंपोजिट विद्यालय तक में अधिकारी इन्वर्टर नहीं खरीद रहे।
गौरीपुर जवाहरनगर के विद्यालय में किताबों से पढ़ने के बजाय हवा करते हैं विद्यार्थी
विद्यालय में 175 छात्र-छात्राएं हैं। यहां वर्ष 2010 से मीटर लगा हुआ है लेकिन विद्युत कनेक्शन आज तक नहीं लगा है। इस कारण छात्र-छात्राओं को कक्षा में गर्मी में बैठने पड़ता है। वे पढ़ाई बजाय किताब से हवा करते दिख जाएंगे। शिक्षा विभाग को कई बार पत्र लिखा परंतु अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। वहां बिजली नहीं होने से कंप्यूटर बंद हैं।
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बली के विद्यालय में 14 साल बाद भी बिजली नहीं
बली गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में वर्ष 2008 में विद्युत कनेक्शन के लिए पत्र भेजा था। 14 साल बाद भी कनेक्शन नहीं मिला है। वहां कक्षा छह से आठ तक के 42 विद्यार्थी हैं और उनकी गर्मी में हालत खराब रहती है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
निवाड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में 475 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। यहां तीन दिन पहले तार टूट गया था। इसके बाद इन्वर्टर की व्यवस्था की गई, लेकिन वह भी ठप हो गया था। इस बारे में जिम्मेदारों को बताया परंतु तीन दिन बाद भी तार नहीं जोड़ा जा सका है। वहीं, छात्र-छात्राओं की गर्मी से हालत खराब रहती है।
जिन स्कूलों में विद्युत कनेक्शन है तथा पंखे लगे हैं। वहां भी सुबह को करीब तीन घंटे विद्यार्थी गर्मी में बैठते हैं। देहात में आपूर्ति सुबह दस बजे से होती है। क्षेत्र के 90 फीसदी स्कूलों में इन्वर्टर नहीं हैं।
यह पहली बार जानकारी में आया है कि स्कूलों में विद्युत कनेक्शन नहीं हैं। यह गंभीर मामला है। बीएसए को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिससे जल्द से जल्द विद्युत कनेक्शन लगवाए जा सकें। इसके अतिरिक्त कंपोजिट विद्यालयों में इन्वर्टर खरीदे जाने चाहिए। जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी न उठानी पडे़। -राजकमल यादव, जिलाधिकारी