बागपत में बिनौली थाना क्षेत्र के शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में शिकारियों द्वारा लगाए गए जाल में तेंदुआ फंस गया। तेंदुए के साथ सेल्फी खींचने को लेकर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन लगातार सूचना देने के बाद भी जब वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची तो आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
Pics: शिकारियों के जाल में फंसा तेंदुआ, सेल्फी लेने को लगी ग्रामीणों की भीड़, सामने आई अफसरों की बड़ी लापरवाही
दरअसल, बिनौली थाना क्षेत्र के रंछाड़, दादरी सिरसली, बरनावा, बिनौली, शाहपुर बाणगंगा आदि गांवों के जंगल में वन्य जीवों के शिकार के लिए शिकारियों ने जगह-जगह जाल लगा रखे हैं, कई जगहों पर सेह का भी शिकार किया जा चुका है, लेकिन सूचना के बाद भी वन विभाग लापरवाही बरत रहा है।
वहीं, शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में शनिवार की तड़के करीबन तीन बजे तेंदुआ एक जाल में फंसा हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह तीन बजे तेंदुए की आवाज आ रही थी। वह जोर-जोर से चीख रहा था। जब लोग वहां पहुंचे तो तेंदुआ एक फंदे में फंसा हुआ था। इसके बाद ग्राम प्रधान के बेटे भूरे ने वन विभाग को सूचना दी।
आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे आक्रोशित लोगों ने हंगामा भी किया। बाद में मामला बढ़ता देख डीएफओ वंदना फोगाट, वन रेंजर सुनेंद्र सिंह, वन रक्षक संजय, मोहित, वन कर्मी विकास आदि मौके पर पहुंचे। बाद में वर्ल्ड लाइफ मेरठ से कमलेश, धर्मेंद्र ढाका आदि को बुलाया गया। साथ में इसकी सूचना पर पशु पालन विभाग से पशु चिकित्साधिकारी बड़ौत आशुतोष गुप्ता, रोहित तोमर, बिनौली से पशु चिकित्साधिकारी अक्षय बालियान मौके पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस को भीड़ दूर करने के लिए बुलाया गया। तब जाकर तकरीबन 10 घंटे के चले रेसक्यू आपरेशन के बाद तेंदुआ पकड़ा गया।
जाल में फंसने की बात तो नकारता रहा वन विभाग
वन विभाग तेंदुए के शिकारियों के जाल में फंसने की बात को नकार रहा है, लेकिन लोगों का आरोप है कि कुछ लोग सेह, सूअर को मारने के लिए जाल का प्रयोग कर रहे हैं। इसी जाल में तेंदुआ फंसा गया था। जहां पर तेंदुआ फंसा था वहां पर एक तार में क्लच वायर को बांधा गया था। जिसकी वजह से तेंदुआ फंसा था।
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