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यूपी में दर्दनाक हादसा: साढ़ू ने बहुत जाने से रोका... पर मौत बुला ले गई; रागिनी बोली- मेरे बच्चों को दिखा दो
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 22 May 2025 03:46 PM IST
सार
शाहजहांपुर में जलालाबाद-कटरा हाईवे पर मदनापुर के चंदोखा गांव के पास मंगलवार रात अज्ञात वाहन की साइड लगने से ऑटो पलट गया। इससे चालक और उसके दो मासूम बेटों की मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल पत्नी और बेटी का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
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shahjahanpur road accident
- फोटो : अमर उजाला
शाहजहांपुर के कटरा-जलालाबाद हाईवे पर हुए हादसे में मरने वाले बनारसी का परिवार बहन-बहनोई के घर पांच दिन से रुका था। इसके बाद परिवार को लेकर वह मंगलवार दोपहर मदनापुर निवासी अपने साढू विपिन के घर पहुंचा।
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shahjahanpur road accident
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, पुलिस की जांच में सामने आया है कि हाईवे के जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां सड़क की स्थिति ठीक है। इस वजह से यहां से बड़े वाहन काफी तेज रफ्तार से गुजरते हैं। अपने परिवार को बैठाकर बनारसी खुद ऑटो चला रहा था। हादसे को देखकर पुलिस अंदाजा लगा रही है कि रात के अंधेरे में किसी बड़े वाहन ने किसी दूसरे वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया होगा। तेज रफ्तार होने के कारण उसे आगे जाते ऑटो का
अंदाजा नहीं लगा और वाहन की साइड ऑटो से टकरा गई। अचानक टक्कर लगने से बनारसी ऑटो नियंत्रित नहीं कर सका और झटके से ऑटो किनारे पलट गया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
अंदाजा नहीं लगा और वाहन की साइड ऑटो से टकरा गई। अचानक टक्कर लगने से बनारसी ऑटो नियंत्रित नहीं कर सका और झटके से ऑटो किनारे पलट गया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
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अस्पताल में घायल
- फोटो : अमर उजाला
अपनों की मौत से अंजान रागिनी बोली
मेरे बच्चों को दिखा दो- पति व दो बच्चों की मौत से अन्जान राजकीय मेडिकज कॉलेज में भर्ती रागिनी को बुधवार की दोपहर होश आया तो उसने सबसे पहले अपने बच्चों के बारे में पूछा। बोली कि मां मेरे बच्चों को दिखा दो तो जी जाएंगे... बेटी की इस दर्दभरी बात को सुन रागिनी की मां मुनीशा और उसकी बहन मोनिका की आंखें भर आईं।
मेरे बच्चों को दिखा दो- पति व दो बच्चों की मौत से अन्जान राजकीय मेडिकज कॉलेज में भर्ती रागिनी को बुधवार की दोपहर होश आया तो उसने सबसे पहले अपने बच्चों के बारे में पूछा। बोली कि मां मेरे बच्चों को दिखा दो तो जी जाएंगे... बेटी की इस दर्दभरी बात को सुन रागिनी की मां मुनीशा और उसकी बहन मोनिका की आंखें भर आईं।
बनारसी उर्फ जीतेंद्र की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वे रागिनी के सामने पीठ करते हुए दुपट्टे से आंसू पोछते हुए बोलीं कि सब ठीक हो जाएगा, तुम आराम करो, हम अभी आते हैं। इसके बाद एक कोने में जाकर रागिनी की मां मुनीशा और उसकी बहन मोनिका एक-दूसरे से लिपट खूब रोईं। बोलीं कि मेरी बेटी का परिवार उजड़ गया। वहां मौजूद परिवार की महिलाओं ने उन्हें दिलासा दिया। वहीं, पोस्टमॉर्टम हाउस पर नातिन अनन्या को सीने से चिपकाए गुमसुम बैठी मुनीशा बार-बार उसका माथा चूमती।
उसे दुलार करतीं और फिर रो पड़तीं। मासूम बच्ची भी लोगों के चेहरों को निहार रही थी। उसे पता ही नहीं था उसके सपनों को साकार करने वाला पिता व उसके साथ खेलने वाले दो भाई उससे दूर जा चुके हैं। मासूम के चेहरे को देख हर आंख नम थी।
बनारसी परिवार के साथ अपनी बहन-बहनोई के घर आया हुआ था। तीन-चार दिन पूर्व कांट सीएचसी पर बनारसी ने पत्नी का नसबंदी का ऑपरेशन कराया था।
उसे दुलार करतीं और फिर रो पड़तीं। मासूम बच्ची भी लोगों के चेहरों को निहार रही थी। उसे पता ही नहीं था उसके सपनों को साकार करने वाला पिता व उसके साथ खेलने वाले दो भाई उससे दूर जा चुके हैं। मासूम के चेहरे को देख हर आंख नम थी।
बनारसी परिवार के साथ अपनी बहन-बहनोई के घर आया हुआ था। तीन-चार दिन पूर्व कांट सीएचसी पर बनारसी ने पत्नी का नसबंदी का ऑपरेशन कराया था।
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वीर सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परिवार का था सहारा
बनारसी के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। इकलौता होने के नाते उन पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थीं। मौत से बहन अंजू, निर्मला, नन्हीं, मां मालती रोते-रोते बेहाल हो गई हैं। नाते-रिश्तेदारों ने सभी को संभाला।
बनारसी के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। इकलौता होने के नाते उन पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थीं। मौत से बहन अंजू, निर्मला, नन्हीं, मां मालती रोते-रोते बेहाल हो गई हैं। नाते-रिश्तेदारों ने सभी को संभाला।
