उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के नगरिया मोड़ पर अधजली हालत में मिली एसएस कॉलेज की छात्रा के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। दुष्कर्म की कोशिश के बाद छात्रा को जलाने की कोशिश करने वालों ने सबूत मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। छात्रा के जिंदा बच जाने के कारण आरोपियों की कोशिश पर पानी फिर गया। छात्रा के बयान सामने आने के बाद पुलिस चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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shahjahanpur case
- फोटो : अमर उजाला
छात्रा के साथ रूह कंपा देने वाली वारदात को अंजाम देने वाले काफी प्लानिंग के साथ आए थे। सहेली के जरिये धोखे से उसे डैम रोड पर बुलाया और वहां पहले से तैयारी कर तीनों आरोपी खड़े थे। उन्हें अंदाजा था कि छात्रा विरोध करेगी। उनकी करतूत सबको बता सकती है। छात्रा पर काबू पाने के लिए उनके पास संभवत: ऐसा कुछ नशीला पदार्थ था जिसे सुंघाकर और मुंह में कपड़ा ठूंसकर वे बाइक से छात्रा को वारदात स्थल तक ले जा सकें।
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Shahjahanpur case
- फोटो : अमर उजाला
वे अपने साथ बोतल में केरोसिन लेकर आए थे ताकि उसे जिंदा जलाकर मार दें और किसी को पता न चल सके। आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब भी हो जाते लेकिन छात्रा की ओर से किए गए जबरदस्त विरोध और संघर्ष के कारण उन्हें लौटना पड़ा। आरोपियों को यकीन था कि छात्रा गन्ने के खेत में ही दम तोड़ देगी और फसल के अंदर कई दिन तक लोगों को शव की जानकारी नहीं होगी।
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शव मिलने के बाद पहचान भी नहीं होगी। मगर, छात्रा ने इस विषम परिस्थिति में भी हौसला दिखाते हुए अपने शरीर से जल रहे कपड़े उतार फेंके और गन्ने की फसल से निकलकर गेहूं के खेत में आ गई। फसल पर लोट-लोटकर आग बुझा ली। कई घंटे की बेहोशी के बाद ग्रामीणों व पुलिस की मदद से अस्पताल तक आई। छात्रा के पास मोबाइल भी नहीं था, यह बात आरोपियों को पता थी।
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घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के बाद सारे आरोपी घर लौट गए। जिस तरह से उनके मोबाइल की लोकेशन वारदात के आसपास नहीं मिल रही है, उससे लग रहा है कि उन्हें अंदाजा था कि पुलिस मोबाइल से ही उनकी लोकेशन तलाशेगी। आशंका है कि वे लोग अपने मोबाइल वारदात के वक्त लेकर नहीं गए थे। शुक्र था कि छात्रा जिंदा बच गई वरना जिस तरह की प्लानिंग आरोपियों ने की थी, उससे पुलिस को केस समझने में खासा वक्त लग जाता।
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