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Bareilly News: उर्स-ए-रजवी में अकीदत का सैलाब, उलमा ने मुसलमानों को दिया ये पैगाम; आला हजरत का कुल आज

Sat, 08 Aug 2026 11:25 AM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 08 Aug 2026 11:25 AM IST
सार

बरेली में आयोजित तीन दिवसीय उर्स-ए-रजवी में शुक्रवार को अकीदत का सैलाब नजर आया। रात में उर्स स्थल इस्लामिया कॉलेज मैदान पर जलसा आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के उलमा ने तकरीर दी।उर्स को लेकर शहरभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।  

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Ulama say Muslims should lead their lives in accordance with the teachings of the Quran
उर्स में उमड़ी जायरीनों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

बरेली में उर्स-ए-रजवी के दूसरे दिन शुक्रवार की रात उर्स स्थल इस्लामिया कॉलेज मैदान पर जलसा आयोजित किया गया। इसमें उलमा ने मजहब-ए-इस्लाम के फराइज, पैगंबर-ए-इस्लाम की तालिमात, मसलक-ए-आला हजरत व मुफ्ती आजम हिंद की जिंदगी पर रोशनी डाली। मुसलमानों को कुरान और पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षा के मुताबिक जिंदगी गुजारने की ताकीद की। देर रात हुए कुल शरीफ में अकीदत का सैलाब नजर आया। यह जलसा दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में सजाया गया। मुफ्ती कारी नाजिर तहसीनी ने तिलावत ए कुरान से इसका आगाज किया। इसके बाद देश-विदेश के नामवर उलमा की तकरीर का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।



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Ulama say Muslims should lead their lives in accordance with the teachings of the Quran
उर्स ए रजवी में जायरीन - फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर उलमा ने कहा कि मुसलमान अल्लाह की रस्सी को मजबूती से थाम लें। मसलक-ए-आला हजरत पर कायम रहते हुए मजहब-ए-इस्लाम के फराइज (कर्तव्य) अदा करें। आला हजरत और मुफ्ती आजम हिंद ने दुनियाभर में इल्म की शमा को रोशन किया।
Ulama say Muslims should lead their lives in accordance with the teachings of the Quran
मदरसा जामियातुर्रज़ा को आकर्षक रोशनी से सजाया गया - फोटो : अमर उजाला
भोर तक जारी रहा कार्यक्रम 
मुफ्ती आजम के फतवों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश के विभाजन के बाद हिंदू-मुस्लिम के बीच बढ़ती खाई को अपने उम्दा किरदार और दुआओं से पाटने का काम किया। इसके बाद सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने खुसूसी दुआ की। कार्यक्रम भोर तक जारी रहा। निजामत कारी यूसुफ रजा संभाली ने की।
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मुफ्ती सलीम नूरी ने दरगाह प्रमुख का पैगाम सुनाया 
दरगाह प्रमुख के पौत्र अहसान रजा खान ने भी आला हजरत और मुफ्ती आजम हिंद की करामात और दीनी व रूहानी खिदमत पर रोशनी डालीं। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने दरगाह प्रमुख का पैगाम पढ़कर सुनाया। मुफ्ती गुलफाम रामपुरी, मौलाना जिक्रुल्लाह, अल्लामा असलम टनकपुरी, मौलाना मुख्तार बहेड़वी, मौलाना सुल्तान रजा बैरायची, मौलाना सलीम रजा बदायूंनी, कारी सखावत मुरादाबादी, मुफ्ती सैयद कफील हाशमी, मौलाना जाहिद रजा आदि ने खिताब किया। 

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उर्स में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
सैफी मियां ने आला हजरत की लिखी नात का नजराना पेश किया। उर्स की व्यवस्था में राशिद अली खान, मौलाना बशीर उल कादरी, जुबैर रजा खान, सैयद जुल्फी, हाजी जावेद खान, शाहिद नूरी, ताहिर अल्वी, अजमल नूरी, परवेज नूरी, औरंगजेब नूरी, मंज़ूर रजा, मुजाहिद बेग का योगदान रहा।
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