बिजनौर में साइबर अपराधियों से परेशान होकर एक महिला ने जान दे दी। कोतवाली शहर के ग्राम फरीदरपुर भोगी में मोनिका की बुधवार को शादी की 11वीं सालगिराह थी। पति रणधीर उसकी सालगिरह की तैयारियों में लगा था पर साइबर अपराधियों की ऐसी नजर लगी कि बुधवार को पूरा परिवार मोनिका के दुनिया से जाने का शोक डुबा हुआ था।
बुधवार की दोपहर घर उसके रिश्तेदार, भाई सब मौजूद थे। साइबर अपराधी बुधवार को भी मोबाइल पर कॉल करके मोनिका से बात कराने की धमकी देते रहे। बात नहीं कराने पर उसके पति रणधीर को जेल भेजने, परिवार की जानकारी होने की बात कहकर अहित करने की बात करते रहे।
2 of 8
मोनिका का फोटो मोबाइल में देखकर भावुक होते उसके पति रणधीर और अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रणधीर ने बताया कि मोबाइल में मैसेज चेक करने पर पता चला कि साइबर अपराधी फोन पर उसका वही आधार कार्ड दिखा रहे थे, जो मोनिका के मोबाइल की फोटो गैलरी में था। व्हाट्सएप पर उसके करीब 20 रिश्तेदारों के नंबर साइबर अपराधियों ने धमकाने के लिए भेजे।
3 of 8
मोनिका के गमजदा परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रणधीर ने बताया कि सोमवार की दोपहर में वह घर में रखे पांच हजार रुपये लेकर गई। पूछताछ करने पर पता चला कि उसने किसी साइबर कैफे से किसी को पांच हजार रुपये डलवाए हैं। वह यही कह रहे थे कि एक बार किसी से जिक्र तो कर देती, हम समझ जाते और उसकी जान बच जाती।
4 of 8
महिला मोनिका की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोनिका ने मरने से पहले अपने पति को फोन किया था। इसके अलावा भाई और मां को भी फोन किया था। सभी से मोनिका ने कहा था कि अंदर से घबराहट महसूस हो रही है।
5 of 8
महिला द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटी बोली, मेरे सामने लिखा सुसाइड नोट
मोनिका की एक बेटी नंदकी 11 साल की है। उसने बताया कि रात में मां पेपर पर कुछ लिख रही थी। मां कुछ घबराई हुई थी। उसने पूछा कि मम्मा क्या हुआ, तो जवाब दिया कि बेटा डॉक्टर कह रहे हैं कि तेरे अंदर के सारे अंग खराब हो गए। मुझे लगा किसी बीमारी की बात कर रही। इसके बाद हम दोनों बहनों को सुला दिया। सुबह जागी तो मां दुपट्टे से लटकी हुई थी।