{"_id":"69f5be42e4ae90a1fd001461","slug":"up-encounter-story-triple-murder-accused-jitu-saini-political-ambition-ended-in-police-shootout-2026-05-02","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: सियासी रसूख की हसरत, इस पार्टी से नहीं मिला टिकट तो बना ली दूरी; एनकाउंटर में ढेर हुए जीतू सैनी की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: सियासी रसूख की हसरत, इस पार्टी से नहीं मिला टिकट तो बना ली दूरी; एनकाउंटर में ढेर हुए जीतू सैनी की कहानी
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 02 May 2026 02:45 PM IST
सार
बुलंदशहर के खुर्जा में सुभाष मार्ग स्थित आरजेएस जिम में 25 अप्रैल की रात जन्मदिन पार्टी के दौरान हुए तिहरे हत्याकांड के एक आरोपी मनीष ने शुक्रवार को सरेंडर कर दिया। मुख्य आरोपी जीतू सैनी को पुलिस बृहस्पतिवार को मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है। मामले में 11 आरोपियों में से पांच को जेल भेजा जा चुका है और चार अभी भी वांछित चल रहे हैं। जीतू को खादी पहनने की बेताबी थी। वह बसपा से चेयरमैन का चुनाव लड़ना चाहता था। लेकिन उसे टिकट नहीं मिला था। इसी वजह से उसने बसपा से दूरी बना ली थी, साथ ही दूसरी पार्टी में संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
1 of 20
bulandshahr murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
बुलंदशहर के खुर्जा में हुए तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी जीतू सैनी की कहानी महज एक अपराधी के अंत की दास्तां नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे शख्स की कहानी है जिसकी बेतहाशा सियासी महत्वाकांक्षाओं ने उसे सलाखों के पीछे नहीं बल्कि श्मशान तक पहुंचा दिया।
बृहस्पतिवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया जीतू सैनी सफेदपोश बनने का सपना देख रहा था। बसपा से चेयरमैन चुनाव का टिकट न मिलने पर बसपा से दूरी बना ली थी, साथ ही दूसरी पार्टी में संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया था।
सूत्रों की मानें तो जीतू सैनी खुद को इलाके के एक बड़े नेता के तौर पर स्थापित करने के लिए बेताब था। उसे बखूबी अहसास था कि रौब गालिब करना है तो राजनीतिक संरक्षण का कवच होना कितना जरूरी है। इसी खादी को पहनने की चाहत में उसने सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में अपनी पैठ बनानी शुरू की थी।
निकाय चुनाव के दौरान उसने बसपा से टिकट पाने के लिए पूरी घेराबंदी कर ली थी लेकिन पार्टी आलाकमान ने अन्य समीकरणों को देखते हुए उसे घास नहीं डाली। टिकट न मिलने से आहत जीतू ने बसपा से दूरी बना ली लेकिन सत्ता की हसरत कम नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 20
अस्पताल में पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद उसने एक अन्य प्रभावशाली पार्टी के स्थानीय दिग्गजों से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी थीं। उसकी रेडिमेड कपड़ों की दुकान थी। जब कपड़ों का कारोबार ठप होने लगा, तो उसने रईस बनने के लिए प्रॉपर्टी डीलिंग का शॉर्टकट अपनाया। बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ ने उसके सफेदपोश बनने के सपने हमेशा के लिए दफन कर दिए।
विज्ञापन
5 of 20
अस्पताल में मौजूद पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जहां कल तक थी चहल पहल, अब पसरा सन्नाटा
जहां कल तक रौनक थी, वहीं अब सन्नाटा पसरा हुआ है। प्राथमिक विद्यालय के आसपास की दुकानें बंद पड़ी हैं। हत्यारोपी जीतू सैनी की मुठभेड़ में हुई मौत लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग जीतू के घर पर परिवार को सांत्वना देने तो जा रहा हैं लेकिन कुछ भी कहने और बात करने से बच रहे हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।