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यूपी में दम तोड़ रही कांग्रेस को संजीवनी नहीं दे पाईं प्रियंका, कई दौरे फिर भी जप्त हुई इनकी जमानत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 27 May 2019 11:26 AM IST
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कानपुर में रोड शो करने पहुंची प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई थी। जिसके बाद प्रियंका गांधी ने यूपी में अपना दम तोड़ चुकी कांग्रेस को फिर से जिंदा करने के लिए लखनऊ, कानपुर, बांदा, फतेहपुर, उन्नाव सहित कई दौरे किए। कांग्रेसियों काे प्रियंका गांधी के आने के बाद एक उम्मीद नजर आई थी लेकिन उनके दौरे और रोड शो भी कांग्रेस को यूपी में खत्म होने से नहीं बचा सके।
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प्रियंका गांधी जनसभा को संबोधित करती हुईं (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इस बार के लोकसभा चुनाव में पारंपरिक समीकरण एक-एक कर ढेर होते दिखाए दिए। भाजपा प्रत्याशी साध्वी निरंजन ज्योति को चुनावी मैदान में शिकस्त देने से लिए कांग्रेस और गठबंधन के खेमे में भी कम कवायद नहीं की गई थी। कांग्रेस ने मतदाताओं के बीच खासी पैठ रखने वाले पूर्व सांसद राकेश सचान पर दांव लगाया था। यहां तक कि पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने को कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा दो बार जिले में आईं।
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प्रियंका गांधी कानपुर में जनसभा को संबोधित करती हुईं (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उनकी नुक्कड़ सभाओं में खासी भीड़ भी जुटी, लेकिन परिणाम चौंकानेवाले रहे। आखिर में कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत तक नहीं बच सकी। फाइनल रिजल्ट में गठबंधन बसपा प्रत्याशी को एक लाख 98 हजार 205 वोट से हराकर साध्वी निरंजन ज्योति मैदान मारने में बेहद सफल रहीं। लोकसभा 2019 के चुनाव में भाजपा हाईकमान ने केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति पर दोबारा अपना भरोसा जताया था।
जन सभा को संबोधित करतीं प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
हाल में ही प्रयागराज महाकुंभ में महामंडलेश्वर की उपाधि मिलने के बाद यह सीट भाजपा के लिए और भी महत्वपूर्ण और चुनौती परक हो गई थी। गठबंधन (बसपा, सपा व रालोद) ने मिलकर बसपा के बिंदकी विधानसभा से दो बार विधायक रहे सुखदेव प्रसाद वर्मा पर दांव लगाया। कांग्रेस ने सपा छोड़ कर पार्टी में आए पूर्व सांसद व जनता के बीच खासे घुले मिले राकेश सचान को मैदान में उतारकर पूरी कसरत की।
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पीएम मोदी पर हमलावर हुईं प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के प्रचार में अमित शाह, राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम ने चुनावी जनसभा की। बसपा ने एक ही स्टार प्रचारक मायावती की जनसभा कराई। कांग्रेस ने दो बार प्रियंका गांधी को जिले में बुलाया। मुस्लिम वोटों को लुभाने के लिए मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी, कद्दावर नेता प्रमोद तिवारी, नसीमुद्दीन सिद्दीकी की भी मदद ली गई। फिर भी चुनावी नतीजे में जमानत नहीं बची।