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'डर अनहोनी का', 'न फरार आतंकियों का सुराग न मिली एके-47', हिजबुल आतंकी कमरुज्जमां से जुड़ी खबरें
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 16 Sep 2018 07:28 AM IST
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आतंकी कमर उल-जमां
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कानपुरः हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी कमरुज्जमां सात साल पहले कश्मीर में कपड़ों का कारोबार करने गया था। करीब छह साल पहले वह लापता हो गया था। इसके बाद से उसका कुछ अता-पता नहीं था। परिजनों ने कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच भी लखनऊ आई है। असम के हौजाई जिले के एसपी अंकुर जैन के मुताबिक कमरुज्जमां उनके जिले के जमुनामुख का रहने वाला है। गांव में उसकी पत्नी एक बच्चा, सास, ससुर, जेठ और जेठानी के साथ रहते हैं। परिजनों से पूछताछ में उन्हें पता चला है कि कमरुज्जमां करीब सात साल पहले कश्मीर में कपड़ों का कारोबार करने गया था। उसके बाद एक-दो बार अपने घर आया।
आतंकी कमर उल-जमां
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से न तो परिवार को पैसा भेजा और न ही अपने बारे में कुछ जानकारी दी। वह लापता हो गया। पुलिस और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। एटीएस ने एनआईए के इनपुट पर उसको पकड़ा है। हौजाई पुलिस की स्पेशल ब्रांच टीम को कमरुज्जमां से पूछताछ और मामले की जांच के लिए यूपी भेजा गया है। एसपी के मुताबिक कमरुज्जमां की मां शाहिरा खातून ने पुलिस को बताया है कि वह छह साल से परिवार के संपर्क में नहीं था। न तो घर आया और न ही परिवार का हालचाल लिया।
आतंकी कमर उल-जमां
- फोटो : अमर उजाला
एटीएस (आतंकवाद निरोधी दस्ता) हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुज्जमां के फरार दो साथियों का सुराग नहीं लगा सकी है। न ही एके-47 ही मिली है। सोशल मीडिया में कमरुज्जमां का एके-47 हाथ में लिए हुए फोटो वॉयरल हुआ था। इसी के बाद वह सुर्खियों में आया था। फरार साथियों और एके-47 न मिलने से अफसरों को अनहोनी का डर सता रहा है। इसके चलते अफसरों ने खुफिया और पुलिस दोनों के खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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कानपुर में पकड़े गए आतंकी के बारे में जानकारी देते उजियारी लाल( फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कमरुज्जमां ने इसी साल अप्रैल में सोशल मीडिया पर एके-47 के साथ अपना फोटो अपलोड किया था। यहां वह स्लीपिंग माड्यूल के रूप में चुपचाप अपने मिशन में लगा था। एटीएस सूत्रों की मानें तो आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन के आकाओं को रक्षा प्रतिष्ठानों, महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों व धार्मिक स्थलों की रेकी कर सूचनाएं पहुंचा रहा था। कानपुर ही नहीं आसपास के जिलों की पुलिस व एलआईयू को भी अलर्ट किया गया है।
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कानपुर में पकड़े गए आतंकवादी के बारे में जानकारी देती महिला (फाइल फोटो)
एडीजी अविनाश चंद्र के मुताबिक गणेश मंदिरों और गणेश पूजा पंडालों के साथ ही महत्पवूर्ण धार्मिक स्थलों व संस्थानों, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था चौकस करने को कहा गया है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु नजर आए, तो फौरन यूपी-100 या स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दें। चर्चा है कि आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े होने के आरोप में पकड़े गए कमरुज्जमां के बाबा कामिर उल जमां स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उसका बड़ा भाई एक राजनैतिक दल से जुड़ा है। गांव में कमरुज्जमां का परिवार प्रतिष्ठित माना जाता है।