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आज से बैंकिंग हो गई महंगी, बदले कई नियम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 01 Apr 2017 12:15 AM IST
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भारतीय स्टेट बैंक ने पहली अप्रैल से एटीएम से कैश निकालना महंगा कर दिया है। एसबीआई के खाताधारक अब अपने एटीएम कार्ड से दूसरे बैंक के एटीएम से महीने में सिर्फ तीन बार ही फ्री में कैश निकाल सकेंगे। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 20 रुपये फीस वसूली जाएगी। इसी तरह अपने ही बैंक के एटीएम से सिर्फ पांच बार कैश निकालने की छूट दी गई है। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 10 रुपये चार्ज वसूल किया जाएगा।
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इस मामले में उन्हें राहत मिलेगी जिनके खाते में 25 हजार रुपये मिनिमम बैलेंस मेनटेन है। ऐसे खाताधारकों से अपने ही बैंक के एटीएम से रुपये निकालने पर चार्ज वसूल नहीं किया जाएगा। इसी तरह यदि खाते में मिनिमम बैलेंस एक लाख रुपये है तो यह दूसरे बैंक के एटीएम से भी तीन बार से अधिक रुपये निकालने पर चार्ज नहीं लगेगा।
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बैंक जाकर रुपये निकालना व जमा करना महंगा
एसबीआई ने बैंक जाक र रुपये निकालने या जमा करने पर भी एक अप्रैल से फीस वसूलने की घोषणा कर दी है। एसबीआई के बचत खाताधारक अब महीने में सिर्फ तीन बार ही मुफ्त में रुपये जमा और निकाल सकेंगे। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये फीस देनी होगी। इस पर सर्विस टैक्स और सेस अलग से लगेगा।
एसबीआई ने बैंक जाक र रुपये निकालने या जमा करने पर भी एक अप्रैल से फीस वसूलने की घोषणा कर दी है। एसबीआई के बचत खाताधारक अब महीने में सिर्फ तीन बार ही मुफ्त में रुपये जमा और निकाल सकेंगे। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये फीस देनी होगी। इस पर सर्विस टैक्स और सेस अलग से लगेगा।
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एसबीआई में रखना होगा मिनिमम बैलेंस
प्राइवेट बैंकों की तर्ज पर भारतीय स्टेट बैंक ने भी बचत खाताधारकों पर मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता थोप दी है। हालांकि यह लिमिट नाम मात्र है लेकिन मेनटेन न होने पर 20 से 100 रुपये तक पेनाल्टी वसूल की जाएगी। यह व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी। महानगरों की बैंकों में खाता रखने वालों के खाते में हर महीने कम से कम पांच हजार रुपये जरूर होने चाहिए। इसी तरह शहरी क्षेत्र में तीन हजार रुपये, कस्बाई इलाके में दो हजार रुपये व ग्रामीण एरिया के बैंक में खाता रखने वालों को कम से कम एक हजार रुपये खाते में रखने ही होंगे।
प्राइवेट बैंकों की तर्ज पर भारतीय स्टेट बैंक ने भी बचत खाताधारकों पर मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता थोप दी है। हालांकि यह लिमिट नाम मात्र है लेकिन मेनटेन न होने पर 20 से 100 रुपये तक पेनाल्टी वसूल की जाएगी। यह व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी। महानगरों की बैंकों में खाता रखने वालों के खाते में हर महीने कम से कम पांच हजार रुपये जरूर होने चाहिए। इसी तरह शहरी क्षेत्र में तीन हजार रुपये, कस्बाई इलाके में दो हजार रुपये व ग्रामीण एरिया के बैंक में खाता रखने वालों को कम से कम एक हजार रुपये खाते में रखने ही होंगे।
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इतनी लगेगी पेनाल्टी
महानगरों में जिनके खातों में मिनिमम बैलेंस तय सीमा से 75 फीसदी तक कम हो जाता है तो उनसे पेनाल्टी के तौर पर सौ रुपये वसूल किए जाएंगे। सर्विस टैक्स व सेस अलग से वसूला जाएगा। इसी तरह मिनिमम बैलेंस 50 से 75 फीसदी के बीच रहता है तो 75 रुपये, 50 फीसदी के नीचे रहेगा तो 50 रुपये पेनाल्टी लगेगी। शहरी, कस्बाई और ग्रामीण इलाके में पेनाल्टी 20 से 50 रुपये के बीच होगी। भारतीय स्टेट बैंक ने पांच साल बाद फिर से मिनिमम बैलेंस रखने वाली व्यवस्था लागू की है। नए खाताधारकों को रिझाने के लिए वर्ष 2012 में मिनिमम बैलेंस रखने की लिमिट खत्म कर दी गई थी।
महानगरों में जिनके खातों में मिनिमम बैलेंस तय सीमा से 75 फीसदी तक कम हो जाता है तो उनसे पेनाल्टी के तौर पर सौ रुपये वसूल किए जाएंगे। सर्विस टैक्स व सेस अलग से वसूला जाएगा। इसी तरह मिनिमम बैलेंस 50 से 75 फीसदी के बीच रहता है तो 75 रुपये, 50 फीसदी के नीचे रहेगा तो 50 रुपये पेनाल्टी लगेगी। शहरी, कस्बाई और ग्रामीण इलाके में पेनाल्टी 20 से 50 रुपये के बीच होगी। भारतीय स्टेट बैंक ने पांच साल बाद फिर से मिनिमम बैलेंस रखने वाली व्यवस्था लागू की है। नए खाताधारकों को रिझाने के लिए वर्ष 2012 में मिनिमम बैलेंस रखने की लिमिट खत्म कर दी गई थी।