कैंसर रोग में दर्द एक ऐसा दुखदायी कारक होता है, जिसका सामना हर तरह के कैंसर मरीज करते हैं। दो तरह की परिस्थितियां होती है, जहां पर कैंसर का मरीज दर्द को महसूस कर सकता है। पहला तब होता है, जब कैंसर फैलता है और इस प्रक्रिया में तंत्रिका तंत्र पर दबाव पड़ता है। दूसरा यह है कि जिन मरीजों का सफलतापूर्वक ट्रीटमेंट पूरा हो चुका होता है। वे भी थैरेपी के बाद दर्द महसूस करते हैं।
भांग की पत्तियों से बना तेल दिलाएगा दर्द से निजात
कीमोथैरेपी के बाद कैंसर रोगियों को काफी दर्द होता है। भांग की पत्तियों से बना तेल इस दर्द से आराम दिलाने में कारगर है। यह दावा है मंधना के रामा मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की शोध सहायक डॉ. नशरा आफाक ने किया है।
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डॉ. नशरा आफाक
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. नशरा ने बताया कि तेल को रामा मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बॉयोलॉजी एंड सेंट्रल रिसर्च लैब में बनाया गया है। इसका परीक्षण कीमोथैरेपी वाले मरीजों पर किया, तो उनको दर्द में आराम मिला। उन्होंने बताया कि भांग में कई तरह के कंपाउंड पाए जाते हैं।
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लैब में बनता भांग की पत्तियों को तेल
- फोटो : अमर उजाला
इसमें पाया जाने वाला टेट्रा हाइड्रो कैनाबीनॉल (टीएचसी) कंपाउंड नशा देता है, जबकि कैनॉबीडॉल (सीबीडी) कंपाउंड में एंटी कैंसर के गुण पाए जाते हैं। लैब में भांग की पत्तियों को सुखाने के बाद केमिकल ट्रीटमेंट देकर आइसोलेट किया। उसके बाद रोटाइवावरेटर मशीन की मदद से टीएचसी और सीबीडी को अलग किया गया। तेल को टेस्टिंग के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजने की तैयारी है।
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भांग की पत्तियों से बनता तेल
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. नशरा का दावा है कि सीबीडी कंपाउंड कैंसर के ट्यूमर को कम करने में कारगर है। वह इस कंपाउंड से दवा बनाने पर काम कर रही हैं, जो कैंसर का फैलाव रोकने में सहायक होगी। बता दें कि नशरा की गाइड डॉ. आर सुजाता हैं। चमनगंज में रहने वाली डॉ. नशरा के पिता मोहम्मद आफाक निर्यातक और मां सीमा गृहिणी हैं।
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शोध के लिए लैब में रखीं भांग की पत्तियां
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि भांग सिर्फ नशे के लिए ही नहीं इस्तेमाल किया जाता है, बल्कि मेडिकल साइंस में इसके माध्यम से कई गंभीर बीमारियों का इलाज भी किया जाता है। इसमें कैंसर से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। इसमें पाया जाने वाला कैनॉबीडॉल कंपाउंड कैंसर कोशिकाओं को मारने में सक्षम हैं। यह ट्यूमर के विकास के लिए जरूरी रक्त कोशिकाओं को रोक देते हैं।