सब्सक्राइब करें

कानपुर: ट्रेन में नोटों से भरा बैग मिलने का मामला, व्हाट्सएप पर आया था 1.40 करोड़ रुपये के दावे का पत्र

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 06 Mar 2021 02:23 PM IST
विज्ञापन
Case of getting a bag full of money found in the train, GRP received a letter through a Delhi agency
ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला था नोटों से भरा बैग - फोटो : अमर उजाला
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 16 फरवरी की रात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पैंट्रीकार में मिले 1.40 रुपये की जांच में नया मोड़ आया है। गाजियाबाद की जिस कंपनी बी-4-एस ने इन रुपयों पर दावा किया है। उसका पत्र जीआरपी कानपुर को व्हाट्सएप के माध्यम से दिल्ली की एक एजेंसी से मिला था, जिसे बाद में आयकर को भेज दिया गया।

 
Case of getting a bag full of money found in the train, GRP received a letter through a Delhi agency
इसी बैग में मिले थे रुपये - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद आयकर इस कंपनी की कुंडली खंगाल रही है। हालांकि, जीआरपी इस मामले में आयकर के जांच बिंदु को शामिल करेगी, लेकिन उसका काम इसमें आपराधिक कनेक्शन तलाशना होगा। अभी तक जीआरपी की जांच बेहद सुस्त है।

 
Trending Videos
Case of getting a bag full of money found in the train, GRP received a letter through a Delhi agency
ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला था नोटों से भरा बैग - फोटो : amar ujala
जांच में जिन व्यक्तियों के नाम आएंगे, उन पर आईपीसी की धाराओं में क्या मामला बनता है, जीआरपी उस हिसाब से भी कार्रवाई करेगी। लेकिन, इस पत्र की जानकारी जीआरपी और आयकर विभाग दोनों ही छिपाए रहे। जीआरपी इंस्पेक्टर राम मोहन राय ने बताया कि आयकर को भेजा गया पत्र उन्हें व्हाट्सएप पर फॉरवर्ड किया गया था। इस मामले में कई जांच एजेंसियां शामिल हैं, लिहाजा पत्र मिलते ही उन्होंने इसे आयकर विभाग को उपलब्ध करा दिया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Case of getting a bag full of money found in the train, GRP received a letter through a Delhi agency
ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला था नोटों से भरा बैग - फोटो : अमर उजाला
सवाल कई, जवाब नहीं
- आयकर विभाग के माध्यम से बैंक में यह रकम जमा कराने के बाद भी अभी जीआरपी की जांच में सीसीटीवी फुटेज तक नहीं आए हैं। पैंट्रीकार मैनेजर और कानपुर के कॉमर्शियल विभाग से जुड़े सात कर्मचारियों से पूछताछ के बाद भी कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है।

- जीआरपी और आरपीएफ अभी तक रेलवे के इंटरकॉम पर आई कॉल के बारे में जानकारी नहीं जुटा सकी है। बड़ा सवाल यह है कि इंटरकॉम पर बाहर के किसी फोन का इस्तेमाल करके कॉल नहीं की जा सकती। जब 1.40 करोड रुपयों का पता चला था, तब ट्रॉली बैग का ताला तोड़ते हुए उसमें मिली रकम की स्थिति का वीडियो बना था या नहीं। अगर पीएफआई से लेकर पंचायत चुनाव में भी इस रकम का इस्तेमाल हो सकता था, तो इस दिशा में जांच के नाम पर जीआरपी ने क्या किया।
 
विज्ञापन
Case of getting a bag full of money found in the train, GRP received a letter through a Delhi agency
कानपुर सेंट्रल - फोटो : अमर उजाला
- दिल्ली आरपीएफ से कानपुर आरपीएफ और जीआरपी को भी सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सके, जिससे पता चले कि नोटों से भरा बैग ट्रेन में रखवाने के दौरान दिल्ली स्टेशन के प्लेटफार्म पर क्या माहौल था। अभी सिर्फ बयानों के आधार पर ही बात हो रही है। साक्ष्यों को जुटाने पर कोई बात नहीं हो रही।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed