कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 16 फरवरी की रात में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में मिले 1.40 करोड़ रुपये की जीआरपी की कछुआ गति जांच पर प्रभारी एसपी नाराज हुए हैं। उन्होंने 16 मार्च के बाद जीआरपी की जांच की समीक्षा कानपुर आकर करने की बात कही है।
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ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला था नोटों से भरा बैग
- फोटो : amar ujala
जांच की गति जीआरपी नहीं बल्कि अन्य एजेंसियों की सुस्ती की वजह से धीमी है। इस बीच काफी दिनों से एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें पेंट्रीकार में नोटों से भरा बैग रखवाने की बात करने केदौरान कहा जा रहा है कि बैग वैशाली एक्सप्रेस में रखवाना था क्योंकि उसे ऐशबाग स्टेशन जाना था।
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इसी बैग में मिले थे रुपये
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हालांकि इस ऑडियो की अभी कोई पुष्टि किसी ने भी नहीं की है। गाजियाबाद की टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी कंपनी के इन रुपयों पर दावा करने के बाद आयकर की जांच तेज हुई है।
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ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला था नोटों से भरा बैग
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आरपीएफ हेडक्वार्टर नई दिल्ली की टीम भी इस मामले की जांच कर रही है लेकिन अभी तक प्लेटफार्म पर रुपये रखने वाले बैग का सीसीटीवी फुटेज तक मुहैया नहीं हो सका है।
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कानपुर सेंट्रल
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लापरवाही जीआरपी की है क्योंकि कोई टीम फुटेज लेने नई दिल्ली गई ही नहीं है। अब जीआरपी दोबारा पेंट्रीकार मैनेजर समेत दूसरे कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
अब यह पूरा मामला आयकर की जांच पर निर्भर करता है। जीआरपी जांच में बनी हुई है लेकिन अभी इसमें डेवलपमेंट दावा करने वाली कंपनी के रेलवे कनेक्शन पर पता चलेगा। - राम मोहन राय, इंस्पेक्टर, जीआरपी, कानपुर सेंट्रल