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विश्व गौरैया दिवसः गौरैया बिन 'आंगन सूने', वजह भी जान लीजिए
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:58 AM IST
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डेमाे पिक
घर आंगन में ची-ची करती गौैरैया विलुप्त होती जा रहीं हैं। इनका शोर अब सुनाई नहीं देता। घर की छत और मुंडेरों से ये गायब सी हो गई हैं। मोबाइल टॉवर से पैदा होने वाले रेडिएशन और घटते पेड़ों की वजह से ये गायब हो रही हैं। आज विश्व गौैरैया दिवस के मौके पर आपको बताते हैं कुछ लोगों के बारे में जो इन चिड़ियों का वजूद बचाने के लिए कोशिश कर रहे हैं।
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गौरेया के लिए बनाए घोसेले
- फोटो : अमर उजाला
2014 से दाना पानी अभियान
कानपुरः शिवकटरा निवासी मनीष पांडेय 2014 से ‘दाना- पानी’ अभियान चला रहे हैं। पेशे से कारोबारी मनीष ने गौैरैया के लिए शहरभर में दाना पानी अभियान छेड़ रखा हैं। इस अभियान के जरिए वे लोगों को जागरूक करते हैं कि वे घरों में घोसले लगाएं और दाना पानी रखेें। वे चिड़ियों के लिए स्पेशल स्टैंड भी बनवाते हैं जिसमें चिड़ियों के लिए दाना-पानी रखा जा सके। इस साल भी वे यह मुहिम चला रहे हैं जो जून के आखिरी तक चलेगी।
कानपुरः शिवकटरा निवासी मनीष पांडेय 2014 से ‘दाना- पानी’ अभियान चला रहे हैं। पेशे से कारोबारी मनीष ने गौैरैया के लिए शहरभर में दाना पानी अभियान छेड़ रखा हैं। इस अभियान के जरिए वे लोगों को जागरूक करते हैं कि वे घरों में घोसले लगाएं और दाना पानी रखेें। वे चिड़ियों के लिए स्पेशल स्टैंड भी बनवाते हैं जिसमें चिड़ियों के लिए दाना-पानी रखा जा सके। इस साल भी वे यह मुहिम चला रहे हैं जो जून के आखिरी तक चलेगी।
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जन्मदिन और त्योहार पर देते घोंसले
कानपुरः किदवई नगर साइट नंबर 1 निवासी प्रकाश कुमार एसबीआई से सीनियर स्पेशल असिस्टेंट पद से रिटायर्ड हैं। वे बताते हैं कि एक दिन उनके घर में पंखे के ऊपर घोसला बनाने के चक्कर में गौैरैया कट गई थी। तब उन्होंने इन चिड़िया को संरक्षित करने का फैसला लिया। वे बताते हैं कि उनके घर में 30 से ज्यादा अलग- अलग तरह के घोसले लगे हुए हैं। इनमें कई गौैरैया चहचहाती रहती हैं। वे अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को उनके जन्मदिन और अन्य उत्सव पर भेंट में घोसला जरूर देते हैं।
कानपुरः किदवई नगर साइट नंबर 1 निवासी प्रकाश कुमार एसबीआई से सीनियर स्पेशल असिस्टेंट पद से रिटायर्ड हैं। वे बताते हैं कि एक दिन उनके घर में पंखे के ऊपर घोसला बनाने के चक्कर में गौैरैया कट गई थी। तब उन्होंने इन चिड़िया को संरक्षित करने का फैसला लिया। वे बताते हैं कि उनके घर में 30 से ज्यादा अलग- अलग तरह के घोसले लगे हुए हैं। इनमें कई गौैरैया चहचहाती रहती हैं। वे अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को उनके जन्मदिन और अन्य उत्सव पर भेंट में घोसला जरूर देते हैं।
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बनाएंगे इको फ्रेंडली घोंसले
कानपुरः चिड़ियों से बेहद प्यार करने वाले डॉ. एसपी सिंह पिछले 20 सालों से लोगों को मुफ्त में घोसला देते आ रहे हैं। वे बताते हैं कि इस बार उन्होंने गौैरैया के संरक्षण के लिए इको- फ्रेंडली घोसला तैयार करने का सोचा है। ये वेस्ट लकड़ी और पेड़ के पत्तों से बनाया जाएगा। डॉ. सिंह ने बताया कि इस अभियान से वे अपने गोद लिए गांव के लोगों को रोजगार भी देंगे और गौैरैया को संरक्षित भी करेंगे। इन घोसलों की डिजाइन तैयार हो रही है।
कानपुरः चिड़ियों से बेहद प्यार करने वाले डॉ. एसपी सिंह पिछले 20 सालों से लोगों को मुफ्त में घोसला देते आ रहे हैं। वे बताते हैं कि इस बार उन्होंने गौैरैया के संरक्षण के लिए इको- फ्रेंडली घोसला तैयार करने का सोचा है। ये वेस्ट लकड़ी और पेड़ के पत्तों से बनाया जाएगा। डॉ. सिंह ने बताया कि इस अभियान से वे अपने गोद लिए गांव के लोगों को रोजगार भी देंगे और गौैरैया को संरक्षित भी करेंगे। इन घोसलों की डिजाइन तैयार हो रही है।
