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Kanpur: लालइमली मिल के ऑडिट पर उठे सवाल, कर्मचारियों के वेतन से कटे 70 हजार, 10 साल बाद आ सकते हैं BIC चेयरमैन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 30 Apr 2026 12:34 PM IST
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सार

Kanpur News: लाल इमली मिल के ऑडिट में मेडिकल खर्च को एडवांस बताकर कर्मचारियों के वेतन से 60-70 हजार की कटौती की गई है। वेतन भुगतान में हुए 52 लाख के घोटाले में अभी तक जिम्मेदार अफसरों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

Kanpur Questions Raised Over Lal Imli Mill Audit BIC Chairman May Visit After 10 Years
लाल इमली मिल - फोटो : amar ujala
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विस्तार

कानपुर में लाल इमली मिल कर्मियों के वेतन भुगतान में घोटाले के बाद कराए गए ऑडिट में सवाल खड़े हो गए हैं। इसको लेकर जल्द ही बीआईसी के ओएसडी शहर आ सकते हैं। इसके अलावा 10 साल बाद बीआईसी के चेयरमैन के भी आने की संभावना जताई गई है। श्रमिक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ऑडिट करने के दौरान कई त्रुटियां की गईं। श्रमिकों के स्वास्थ्य से जुड़े भुगतान को एडवांस दिखा दिया गया और उनके वेतन से कटौती कर ली गई। इससेे प्रति कर्मचारी को 60-70 हजार रुपये का नुकसान हुआ।

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81 महीने की वेतन पर्ची भी आज तक नहीं दी गई। लाल इमली मिल कर्मियों के वेतन भुगतान में अफसरों ने मिलकर 52 लाख का घोटाला किया था। डेढ़ साल पहले 102 करोड़ रुपये के बजट से 34 महीने का बकाया भुगतान किया गया था। इसमें 52 लाख रुपये का वेतन घोटाला सामने आया था। पता चला था कि चार अफसरों ने मिलकर अपने एक रिश्तेदार के खातों में रकम भेजी थी, जो मिल का कर्मचारी नहीं था। लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि अफसरों ने मिलकर लाखों रुपये का घोटाला किया था।

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23 से 31 मई तक टीम ने किया था ऑडिट
इसके बाद भी अफसरों ने एफआईआर तक नहीं दर्ज कराई। विजिलेंस और चार्जशीट मामले की जांच के बाद इन पर सरकारी धन के दुरुपयोग और हेरफेर करने के लिए एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि पिछले साल 23 से 31 मई तक ऑडिट टीम ने ऑडिट किया था। इसमें कई गलतियां सामने आई हैं। मुख्यालय के कर्मचारियों को मेडिकल खर्च के रूप में हर महीने भुगतान होता था, जबकि ऑडिट में इसे एडवांस दिखाकर उनके वेतन से कटौती कर ली गई। इससे कर्मचारियों को नुकसान हुआ।

जल्द से जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए
उन्होंने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की समस्या समाधान के लिए जल्द ही बीआईसी के ओएसडी शहर आएंगे। इसके अलावा बीआईसी के चेयरमैन के आने की संभावना है। इस संबंध में एक पत्र भी आया है। उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2026 से कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी नहीं किया गया है। पीएफ, ग्रेच्युटी, लीव इन कैश, बोनस भुगतान के लिए कर्मचारियों ने वाद भी दाखिल किया था। जिस पर सहायक आयुक्त केंद्रीय वार्ता बुलाई थी। इस पर उन्होंने प्रबंधन को जल्द से जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। अगली वार्ता 18 मई को बुलाई गई है।

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